MP हनी ट्रैप केस: जीतू सोनी के अखबार के दफ्तर पर चला बुलडोजर

हनी ट्रैप का खुलासा करके सुर्खियों में आए अखबार मालिक जीतू सोनी पर कार्रवाई जारी है. इंदौर नगर निगम ने प्रेस कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में स्थित सांझा लोकस्वामी के दफ्तर को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. जीतू सोनी सांझा लोकस्वामी अखबार के मालिक हैं. अखबार के लिए जीतू सोनी ने इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) से जमीन लीज पर ली थी, जिसकी लीज को खारिज कर दिया गया था. इसके पहले जीतू सोनी के कई होटलों और बंगलों को जमींदोज किया जा चुका है.

अखबार के दफ्तर पर चला बुलडोजर (फोटो-हेमेंद्र शर्मा)
हेमेंद्र शर्मा
  • इंदौर,
  • 11 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 10:42 AM IST

हनी ट्रैप का खुलासा करके सुर्खियों में आए अखबार मालिक जीतू सोनी पर कार्रवाई जारी है. इंदौर नगर निगम ने प्रेस कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में स्थित सांझा लोकस्वामी के दफ्तर को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. जीतू सोनी सांझा लोकस्वामी अखबार के मालिक हैं. अखबार के लिए जीतू सोनी ने इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) से जमीन लीज पर ली थी, जिसकी लीज को खारिज कर दिया गया था. इसके पहले जीतू सोनी के कई होटलों और बंगलों को जमींदोज किया जा चुका है.

बता दें कि मध्य प्रदेश की उद्योग नगरी इंदौर में प्रशासन ने पांच दिसंबर को चार बड़ी इमारतों के उस हिस्से को ढहा दिया, जो बिना स्वीकृति के बनाए गए थे. ये इमारतें एक मीडिया हाउस के संचालक जीतू सोनी की बताई जा रही हैं.

जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इन चार इमारतों के अनधिकृत हिस्सों को ढहा दिया गया. एक मकान और तीन होटलों में यह कार्रवाई 12 पोकलेन, 300 निगमकर्मी, 250 मजदूरों के माध्यम से की गईं. इस कार्रवाई में माय होम सहित तीन होटल और एक मकान का हिस्सा ढहाया गया.

गौरतलब है कि पुलिस ने जीतू सोनी पर मानव तस्करी, अतिक्रमण, लूट सहित कई धाराओं में आठ मुकदमे दर्ज किए हैं. वही सोनी को गिरफ्तार करने के लिए अलग-अलग दो थानों से 10-10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित है. इस बीच प्रशासन ने सोनी के होटल और घर में हुए अवैध निर्माण को लेकर नोटिस जारी किया था.

प्रशासनिक की तरफ मिली जानकारी के अनुसार, 2004 में तहसीलदार द्वारा माय होम के मालिक जीतू सोनी को नोटिस जारी किया गया था. रहवासी क्षेत्र में बगैर डायवर्शन कराए होटल संचालित किए जाने के संबंध में यह नोटिस जारी किया गया था. कार्रवाई से पहले नजूल विभाग से फाइलें खंगाली गईं और जैसे ही यह नोटिस मिला, इसे आधार बनाकर रणनीति तैयार की गई, ताकि तोड़फोड़ की कार्रवाई को कोर्ट में चुनौती न दी जा सके.

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