मध्य प्रदेश के ग्वालियर संभाग के संभागीय कमिश्नर ने ऐसा आदेश जारी किया है, जिससे पूरे संभाग के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा दिया है. ग्वालियर संभाग के कमिश्नर बीएम ओझा ने आदेश निकाला है कि संभाग के तहत आने वाले सभी जिलों में स्थित सरकारी दफ्तर के अधिकारी और कर्मचारी शालीन और फॉर्मल ड्रेस में ही दफ्तर आएं. अगर ऐसा नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
कमिश्नर बीएम ओझा ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि अक्सर देखने में आता है कि अलग-अलग सरकारी बैठकों में शासकीय अधिकारी और कर्मचारी ऐसे कपड़े पहनकर आते हैं जो उनके पद के अनुरूप नहीं होते. जबकि शासकीय कर्मियों के लिए जो नियम बने हुए हैं उनमें से एक पद के अनुरूप वस्त्रों का नियम भी है.
उन्होंने बताया, 'हाल ही में मैं और आईजी साहब अशोकनगर जिले के दौरे पर थे. वहां बैठक में एक अधिकारी फेडेड जींस पहन कर आ गए. मुख्यमंत्री, चीफ सेक्रेटरी या कलेक्टर साहब की बैठक होती है तो उसमे देखने में आया है कि कुछ अधिकारी सही वस्त्र पहनकर नहीं आते हैं. मंदसौर में हुई एक ऐसी ही बैठक में एक अफसर टीशर्ट पहन कर आ गए थे जो गलत था.'
होगी कार्रवाई
कमिश्नर ने कहा, 'कई अफसर कोर्ट में भी ऐसे कपड़े पहन कर जाते हैं जैसे वहां कोई किस्सा सुनने गए हों जबकि वकील वहां ड्रेस में होते हैं. इसलिए मैंने ये आदेश निकाला है कि सभी शासकीय सेवक शालीन और फॉर्मल ड्रेस पहनें. अगर ऐसा करते हैं तो अच्छा है लेकिन इसका पालन नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी.'
रवीश पाल सिंह / सर्वेश पुरोहित