मध्य प्रदेश के जबलपुर में पूर्व मुख्यमंत्री श्यामाचरण शुक्ल की बहू डॉ. रचना शुक्ल के साथ सेठ गोविंददास जिला अस्पताल (विक्टोरिया) में ड्यूटी के दौरान अभद्रता हुई, लेकिन इस मामले में तीन माह बाद भी एफआईआर नहीं हुई तो उन्होंने आहत होकर सोमवार को केजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर के पद से इस्तीफा दे दिया.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रचना शुक्ल ने इस्तीफा सिविल सर्जन के मार्फत स्वास्थ्य संचालक को भेजा है. उन्होंने जबलपुर कलेक्टर और एसपी पर भी कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया.
उधर, इस मामले के सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव गौरी सिंह ने जबलपुर कलेक्टर छवि भारद्वाज से रिपोर्ट तलब की है.
तीन माह पहले हुई थी बदसलूकी
मालूम हो कि में बतौर मेडिकल ऑफिसर डॉ. रचना शुक्ला कार्यरत थी. 5 फरवरी की शाम उनकी इमरजेंसी ड्यूटी थी. तभी एक महिला 10 माह की बच्ची को लेकर इलाज कराने आई. उसे दो दिन पहले डायरिया हुआ था, जिसका इलाज उसने प्राइवेट प्रैक्टिशनर डॉक्टर से कराया था.
बच्ची की सेहत सुधर रही थी कि इमरजेंसी यूनिट में बच्ची की जांच कर जरूरी दवाएं देकर अगले दिन दोबारा जांच कराने की सलाह महिला को दी गई. इस पर महिला के साथी बिफर गए और गाली-गलौच करना शुरू कर दी.
इस घटना की सूचना मिलने पर ओमती थाना पुलिस आई. जब शिकायत ओमती पुलिस थाने में की गई तो पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की.
एसिड की बॉटल दिखाकर धमकाया
डॉ. रचना शुक्ला ने यह भी बताया कि 15 अप्रैल की शाम जब वे ड्यूटी से लौट रही थी तब चार लोगों ने बाइक से उनका पीछा किया. 2-3 मई की शाम कार का पीछा कर एक युवक ने एसिड की बॉटल दिखाकर . मैंने एसपी और कलेक्टर से मुलाकात की, उन्हें परेशानी बताई इसके बावजूद एफआईआर नहीं हुई.
आदित्य बिड़वई