एमपी में त्योहार की तैयारी, पुलिस का भोपाल में फ्लैग मार्च

एमपी में चुनाव आचार संहिता लागू है. ऐसे में नवरात्र और दशहरा की तैयारियों के बीच प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े इंतजाम किए हैं. इसी कड़ी में मंगलवार रात भोपाल की सड़कों पर फ्लैग मार्च निकाला गया.

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भोपाल में फ्लैग मार्च (फोटो- रवीश पाल सिंह) भोपाल में फ्लैग मार्च (फोटो- रवीश पाल सिंह)

जावेद अख़्तर / रवीश पाल सिंह

  • भोपाल,
  • 17 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 11:13 AM IST

मध्य प्रदेश में चुनावी शोरगुल के बीच त्योहार की तैयारियां भी जोरों पर है. शासन-प्रशासन सुरक्षा के नजरिए से व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर रहा है. इसी कड़ी में मंगलवार को पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान एक साथ राजधानी भोपाल की सड़कों पर उतरे और फ्लैग मार्च किया.

दरअसल, नवरात्र और दशहरे के अलावा आने वाले त्योहारों और विधानसभा चुनाव के दौरान शांति और सुरक्षा के इंतजाम को ध्यान में रखते हुए डीआईजी धर्मेन्द्र चौधरी ने पुलिसकर्मियों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं. उसी कड़ी में मंगलवार को नए व पुराने भोपाल में फ्लैग मार्च निकाला गया.

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इस फ्लैग मार्च का नेतृत्व 2 एएसपी रैंक के अफसरों ने किया. भोपाल साउथ के इलाकों में एएसपी दिनेश कुमार कौशल के नेतृत्व में अप्सरा टाकीज से पैदल मार्च निकाला गया जो कि बस स्टैण्ड, प्रभाकर चौराहा, शब्जी मंडी तिराहा होते हुए प्रभात चौराहा पहुंचा.

यहां पहुंची फोर्स ने वाहनों के द्वारा दशहरा मैदान के सामने से बजरिया होते हुए नादरा बस स्टैण्ड तक फ्लैग मार्च निकाला. इसी तरह भोपाल नार्थ के इलाकों में एएसपी शशांक गर्ग के नेतृत्व में पैदल मार्च नादरा बस स्टैण्ड से शुरू हुआ जो घोडानक्कास, गणेश चौक, मंगलवारा थाने के सामने से बुधवारा चौराहा होते हुए, मोती मस्जिद, इमामी गेट से होकर पीरगेट तक गया.

दशहरे से ठीक पहले हुए इस फ्लैग मार्च में भोपाल साउथ के थाना प्रभारियों समेत, डी/240 सीआरपीएफ बटालियन कर्नाटक की कम्पनी के करीबन 80 महिला और पुरुष जवान, एसटीएफ के 40 जवान और थानों का बल सहित 3 रूद्र, 3 वज्र वाहनों सहित करीब 150 अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे. वहीं नार्थ भोपाल में हुए पैदल मार्च में सभी थाना प्रभारियों और सीआरपीएफ, एसटीएफ और थानों के बल सहित करीबन 140 अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे.

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डीआईजी धर्मेंद्र चौधरी के मुताबिक फ्लैग मार्च के जरिए अमन पसंद लोगों को भरोसा दिलाया गया है कि त्योहारों और चुनाव के मौसम में शहर की फिजा सुरक्षित है. वहीं, आपराधिक किस्म के लोगों को अहसास कराया गया है कि वो अपनी करतूतों से शहर का माहौल खराब करने की कोशिश ना करें.

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