रांची सीट: झारखंड की राजधानी, जहां से 2014 में हारे थे कांग्रेस के सुबोधकान्त सहाय

रांची लोकसभा सीट को सराईकेला, खरसावन और रांची जिलों के कुछ हिस्सों को मिलाकर बनाया गया है. यहां से बीजेपी के राम टहल चौधरी सांसद हैं. उन्होंने कांग्रेस के सीनियर लीडर सुबोधकान्त सहाय को हराया था.

रांची लोकसभा सीट
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 27 मार्च 2019,
  • अपडेटेड 9:35 PM IST

रांची लोकसभा सीट को सराईकेला, खरसावन और रांची जिलों के कुछ हिस्सों को मिलाकर बनाया गया है. झारखंड का तीसरा सबसे प्रसिद्ध यह शहर यहां की राजधानी भी है. इसे झरनों का शहर भी कहा जाता है. यहां से बीजेपी के राम टहल चौधरी सांसद हैं. उन्होंने कांग्रेस के सीनियर लीडर सुबोधकान्त सहाय को हराया था.

इस क्षेत्र को भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का गृहनगर होने के लिए जाना जाता है. गोंडा हिल और रॉक गार्डन, मछली घर, बिरसा जैविक उद्यान, टैगोर हिल, मैक क्लुस्किगंज और आदिवासी संग्राहलय इसके प्रमुख पर्यटक स्थल हैं. इस सीट पर पांचवें चरण में मतदान होगा.

राजनीतिक पृष्ठभूमि

राजधानी की इस सीट पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर होती है. 1951 में इस सीट पर कांग्रेस के अब्दुल इब्राहिम जीते थे. 1957 का चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी मीनू मसानी जीते. इसके बाद पीके घोष लगातार तीन बार (1962, 1967 और 1971) जीते. 1977 में बीएलडी के रविंद्र वर्मा जीते. 

1980 में कांग्रेस के शिव प्रसाद साहू लगातार दो चुनाव (1980 और 1984) का चुनाव जीते. 1989 में जनता दल के टिकट पर सुबोध कांत सहाय जीतने में कामयाब हुए. इसके बाद बीजेपी के टिकट पर राम तहत चौधरी लगातार चार बार (1991, 1996, 1998 और 1999) का चुनाव जीते. कांग्रेस के टिकट पर सुबोध कांत सहाय 2004 और 2009 का चुनाव जीते. 2014 में बीजेपी के टिकट पर एक बार फिर राम टहल चौधरी जीतने में कामयाब हुए.

सामाजित तानाबाना

इस लोकसभा सीट के अन्तर्गत छह विधानसभा सीटें (इच्छागढ़, सिल्ली, खिजरी, रांची, हटिया, कनके) आते हैं. इसमें कनके अनुसूचित जाति और खिजरी अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है. 2014 के आम चुनाव के दौरान इस सीट पर मतदाताओं की संख्या करीब 16.48 लाख थी. इसमें 8.68 लाख पुरुष और 7.79 लाख महिला मतदाता शामिल हैं.

2014 का जनादेश

2014 के चुनाव में बीजेपी के राम टहल चौधरी ने करीब 2 लाख मतों से कांग्रेस के सुबोध कांत सहाय को हराया था. राम टहल चौधरी को 4.48 लाख और सुबोध कांत सहाय को 2.49 लाख वोट मिले थे. तीसरे नंबर पर आजसू के सुदेश कुमार महतो 1.42 लाख वोट और चौथे नंबर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के अमिताभ चौधरी 67 वोट पाकर रहे.

सांसद का रिपोर्ट कार्ड

चुनाव में दिए गए हलफनामे के मुताबिक, सांसद राम टहल चौधरी के पास 1.07 करोड़ की संपत्ति है. इसमें 13 लाख की चल संपत्ति और 94 लाख की अचल संपत्ति शामिल है. जनवरी, 2019 तक mplads.gov.in पर मौजूद आंकड़ों के अनुसार, राम टहल चौधरी ने अभी तक अपने सांसद निधि से क्षेत्र के विकास के लिए 13.47 करोड़ रुपए खर्च किए हैं. उन्हें सांसद निधि से अभी तक 15.16 करोड़ मिले हैं. इनमें से 1.68 करोड़ रुपए अभी खर्च नहीं किए गए हैं. उन्होंने 88 फीसदी अपने निधि को खर्च किया है.

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