जमशेदपुर के सीताराम डेरा थाना अंतर्गत एग्रीको स्थित जे एच तारापुर इंग्लिश मीडियम स्कूल ने दो बच्चे को तालिबानी फरमान सुना दिया. फरमान ऐसा जिसे सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे. इन दोनों बच्चों की गलती सिर्फ इतनी कि ये घर से माथे पर तिलक लगाकर स्कूल आए थे. इसके बाद क्लास टीचर ने दोनों छात्रों को धूप में खड़ा करवा दिया और क्लास से सस्पेंड कर दिया.
एक छात्र 8वीं कक्षा का छात्र है, तो दूसरा नौंवीं कक्षा में पढ़ता है. जैसे ही इन दोनों छात्रों पर स्कूल के क्लास टीचर की नजर पड़ी, क्लास टीचर ने सबसे पहले क्लास से सस्पेंड किया और दोनों छात्रों को स्कूल के मैदान में धूप में खड़ा करवा दिया. कहा कि यह पहला पनिशमेंट है. अगर दोबारा कभी तिलक लगाकर स्कूल में आए, तो स्कूल से नाम काट कर बाहर कर देंगे.
परिजनों ने स्कूल में जाकर किया हंगामा
यह जानकारी जैसे ही दोनों छात्रों के परिजन को लगी, तो परिजन स्कूल पहुंच गए और जमकर हंगामा किया. स्कूल प्रबंधन और प्रिंसिपल पर बच्चों को मानसिक प्रताड़ित करने का आरोप लगाया. इन लोगों का सीधे तौर पर कहना है कि स्कूल में सभी जाति धर्म और समुदाय के बच्चे पढ़ते हैं. सबके साथ ऐसा व्यवहार नहीं सिर्फ हिंदू युवकों के छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया?
हिंदू संगठन ने स्कूल को दी चेतावनी
मामले की जानकारी मिलने पर हिंदू संगठन भी स्कूल पहुंच गए. विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने कहा कि अगर स्कूल का यही रवैया रहा, तो स्कूल के खिलाफ हिंदू संगठन प्रदर्शन करेंगे. इस मामले में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता भूषण कुमार ने कहा कि स्कूल से सूचना मिली थी कि बच्चों को स्कूल से निकलने नहीं दिया जा रहा है. तब हम लोगों ने आकर बच्चो को निकाला है. वहीं, इस मामले में प्रिंसिपल का कहना है कि बच्चे टीका लगाकर आए थे. उनको समझाया गया, लेकिन कुछ लोगों ने स्कूल में आकर जबरदस्ती हंगामा कर दिया.
अनूप सिन्हा