स्पीकर पर कागज फेंका, वक्फ कानून की प्रतियां फाड़ीं... चर्चा की मांग पर JK विधानसभा में दूसरे दिन भी हंगामा

जम्मू और कश्मीर विधानसभा में वक्फ संशोधन अधिनियम पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी नेताओं ने हंगामा मचाया, जिससे सदन को अस्थायी रूप से स्थगित करना पड़ा. महबूबा मुफ्ती और सज्जाद लोन सहित कई नेताओं ने स्पीकर की भूमिका की आलोचना की और अविश्वास प्रस्ताव की मांग की, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया.

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जम्मू कश्मीर विधानसभा में फिर हंगामा जम्मू कश्मीर विधानसभा में फिर हंगामा

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 2:51 PM IST

जम्मू और कश्मीर विधानसभा में मंगलवार को दूसरे दिन भी राजनीतिक नाटक जारी रहा. विपक्षी दलों ने वक्फ संशोधन अधिनियम पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा किया. सदन को अस्थायी रूप से स्थगित करना पड़ा. नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के विधायकों के बीच तीखी नोंकझोंक देखी गई.

वक्फ कानून के प्रभाव और उसके लागू करने पर सदस्यों ने तीखी टिप्पणियां कीं, जिससे सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई. पीडीपी के विधायक वक्फ कानून पर चर्चा की मांग कर रहे थे, जो कि पहले ही संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है. मसलन, आज मंगलवार को भी विपक्षी विधायकों ने स्पीकर पर कागज फेंके और कानून की प्रतियां भी फाड़ीं. इतना ही नहीं सज्जाद लोन ने स्पीकर से कहा कि उन्हें रिटायर हो जाना चाहिए और नए स्पीकर का चुनाव किया जाना चाहिए.

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पीडीपी और अन्य पार्टियों ने दिया था स्थगन प्रस्ताव

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और अवामी इत्तेहाद पार्टी ने वक्फ अधिनियम पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव पेश किया था, जिसे स्पीकर ने खारिज कर दिया. कई विधायक स्पीकर के खिलाफ नारे लगाते देखे गए और बाद में पीडीपी विधायक वहीद पारा को विधानसभा परिसर से बाहर कर दिया गया.

24 करोड़ मुसलमानों के अधिकारों पर हमला!

जम्मू और कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के पर भी अपनी चिंता जाहिर की. उन्होंने इसे "भारत के 24 करोड़ मुसलमानों के अधिकारों, विश्वास और गरिमा पर सीधा हमला" करार दिया. महबूबा मुफ्ती ने कहा, "वक्फ मुद्दा विश्वास से परे है. यह भारत के 24 करोड़ मुसलमानों के अधिकारों, विश्वास और गरिमा पर सीधा हमला है. जम्मू और कश्मीर, जो देश का एकमात्र मुस्लिम-बहुल क्षेत्र है, को इस मौके पर उठकर अपने लोगों के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए."

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स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग

जम्मू और कश्मीर पीपुल्स कांफ्रेंस के प्रमुख सज्जाद लोन ने भी अपनी असहमति जाहिर की, और स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग की. उन्होंने कहा, "हम भी चाहते हैं कि एक प्रस्ताव हो. जम्मू और कश्मीर देश का एकमात्र मुस्लिम-बहुल प्रांत है. भारत के मुसलमानों का हक है कि यहां से एक मजबूत संदेश जाए, लेकिन इसके लिए स्पीकर तैयार नहीं हैं."

गौरतलब है कि स्पीकर का चुनाव नेशनल कांफ्रेंस द्वारा किया गया था. सज्जाद लोन का कहना है कि अगर वे गंभीर हैं, तो उन्हें उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहिए, उन्हें हटाकर नए स्पीकर को लाएं जो चर्चा की इजाजत दे. इनके अलावा कोई अन्य समाधान नहीं है. यह एकमात्र समाधान है."

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