जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर आतंकी हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. शुक्रवार को आतंकियों ने कश्मीर घाटी में एक बार फिर से ग्रेनेड हमला कर दिया. यह पिछले 24 घंटे में कश्मीर घाटी में तीसरा आतंकी ग्रेनेड हमला है. शुक्रवार को आतंकियों ने श्रीनगर के घंटाघर लाल चौक के पास और शोपियां में सुरक्षा बलों को निशाना बनाया.
इससे पहले गुरुवार को भी आतंकियों ने श्रीनगर में ग्रेनेड हमला किया था, जिसमें एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) इकबाल सिंह और 2 ट्रैफिक पुलिस कर्मियों समेत 6 लोग घायल हो गए थे. ASI इकबाल सिंह जम्मू एंड कश्मीर आर्म्ड पुलिस की 14 बटालियन में तैनात हैं. गुरुवार के ग्रेनेड हमले में उनके दोनों पैरों में चोट आई. इस हमले ट्रैफिक पुलिसकर्मी हरीश मंजूर के गर्दन के पीछे हिस्से और सनाउल्लाह के दाहिने पैर में चोट आई.
शुक्रवार को आतंकियों ने पहला हमला श्रीनगर के लाल चौक के नजदीक सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर किया, जबकि दूसरा हमला दक्षिण कश्मीर के शोपियां में पुलिस कैंप पर किया. इन ग्रेनेड हमले में सुरक्षा बलों के वाहन और आसपास की दुकानें क्षतिग्रस्त हो गए. हालांकि इन ताजा हमले में अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नही हैं.
Two incidents of attack by ; one in & other in . is at the spot. Investigation in both incidents is going on. No loss of life or property reported.
इस ग्रेनेड हमले के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है और संदिग्ध आतंकियों की तलाश शुरू कर दी है. फिलहाल इन आतंकी हमलों की जांच की जा रही है. वहीं, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन तीनों हमलों के पीछे किस आतंकी संगठन का हाथ है. हालांकि बुधवार को खुफिया एजेंसियों ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी द्वारा फिदायीन हमले किए जाने का हाई अलर्ट जारी किया था. गुरुवार को जो हमला हुआ था, वो घंटाघर लाल चौक से एक किमी की दूरी पर है.
पिछले 24 घंटे में कश्मीर घाटी में 3 ग्रेनेड हमले उस समय सामने आए हैं, जब खुफिया विभाग ने आतंकी हमलों के लेकर हाई अलर्ट जारी किया है. बुधवार को खुफिया एजेंसियों ने कश्मीर में आतंकी हमलों को लेकर सुरक्षाकर्मियों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा था. सुरक्षा बलों से यह भी कहा गया था कि वो कश्मीर घाटी के सभी इलाकों में पूरी तरह से मुस्तैद रहें.
खुफिया एजेंसियों ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि जैश-ए-मोहम्मद के फिदायीन आतंकी सुरक्षा बलों के ठिकानों पर हमला कर सकते हैं. ये आतंकी IED और अन्य विस्फोटकों से लैस हैं. जैश के फिदायीन आतंकी सुरक्षा बलों की चौकियों पर फायरिंग भी कर सकते हैं. इस खुफिया अलर्ट के बाद कश्मीर में आतंकियों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की करीब 500 अतिरिक्त कंपनियों को भी तैनात किया गया है.
इससे पहले सेना दिवस पर सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने बताया था कि कश्मीर घाटी में सैन्य ऑपरेशन में आतंकियों को काफी नुकसान पहुंचाया गया है. उन्होंने साफ कहा था कि देश की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं किया जाएगा. आपको बता दें कि कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों की कार्रवाई से आतंकी बौखलाए हुए हैं और लगातार सुरक्षा बलों व उनके ठिकानों को निशाना बना रहे हैं.
शुजा उल हक