सिर्फ आतंकी हमले नहीं दूध उत्पादन के लिए भी फेमस है पुलवामा

पुलवामा में रोजाना 7.5 लाख लीटर दूध का उत्पादन होता है इसमें करीब 4.5 लाख दूध की सप्लाई श्रीनगर को की जाती है. यह राज्य में कुल दूध के उत्पादन का एक तिहाई है.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

अशरफ वानी

  • नई दिल्ली,
  • 20 जून 2019,
  • अपडेटेड 7:49 PM IST

कश्मीर घाटी का पुलवामा अक्सर आतंकी हमलों के चलते सुर्खियों में रहता है, लेकिन एक दूसरी वजह से भी जम्मू-कश्मीर के पुलवामा की पहचान है. पुलवामा को कश्मीर का आणंद भी कहा जाता है क्योंकि पुलवामा से 7.5 लाख लीटर दूध का उत्पादन होता है. यह पूरे राज्य का एक तिहाई दूध है.

पिछले कुछ सालों में पुलवामा के युवाओं का रुझान डेयरी के व्यापार की तरफ आकर्षित हुआ है. जिसका नतीजा है कि पुलवामा में रोजाना 7.5 लाख लीटर दूध का उत्पादन होता है इसमें करीब 4.5 लाख दूध की सप्लाई श्रीनगर को की जाती है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलवामा में पिछले कुछ सालों में डेयरी को लेकर यहां के युवाओं की दिलचस्पी बहुत बढ़ी है. यहां कई युवा ऐसे भी हैं जिन्होंने MBA, MCA तक की पढ़ाई की हुई, बावजूद इसके वह युवा डेयरी चला रहे हैं. पुलवामा में करीब 70 रजिस्टर्ड डेयरी हैं.

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पुलवामा आतंकी हमला-

जम्मू-कश्मीर का पुलवामा सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद सुर्खियों में आया था. इस हमले में 40 से ज्यादा जवान शहीद हुए थे. 14 फरवरी को आतंकी हमला हुआ था, 15 फरवरी को CRPF ने बदले का वादा किया. 18 फरवरी को सुरक्षाबलों ने इस हमले के मुख्य साजिशकर्ता और जैश के स्थानीय कमांडर गाजी राशिद उर्फ कामरान को मौत के घाट उतार दिया था. उसने ही पूरी प्लानिंग की थी, इसलिए सुरक्षाबलों ने पहले उसे ही निपटाया था.

पुलवामा में आतंकी हमलों की घटनाओं पर अभी तक विराम नहीं लगा है. बुधवार को भी जम्मू-कश्मीर के पुलावामा में पुलिस थाने पर ग्रेनेड हमला किया गया था. इस हमले में 8 नागरिक घायल हो गए थे. आतंकियों ने पुलवामा में पुलिस थाने पर ग्रेनेड हमला किया जो कि पुलिस थाने के बाहर फट गया था.

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