जम्मू कश्मीर के पुंछ में एक हफ्ते पहले आतंकियों ने सेना के ट्रक पर हमला कर दिया था. इस हमले में 5 जवान शहीद हो गए थे. इस मामले में पूछताछ के लिए बुलाए गए नागरिक ने आत्महत्या कर ली है, जिसके बाद परिवार के लोग नाराज हो गए और एसओजी के खिलाफ प्रदर्शन किया है.
यह पूरा मामला पुंछ जिले के मेंढर तहसील का है. 20 अप्रैल को जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भाटा धुरियन क्षेत्र में आतंकवादियों ने हमला कर दिया था, इसमें सेना के पांच जवान शहीद हो गए थे. आतंकवादी हमले की छानबीन की जा रही है और अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियां स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही हैं.
एसओजी ने दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया था
इस हमले के संबंध में सुरक्षा बलों को कुछ इनपुट मिले, जिसके बाद भाटा धुरियन निवासी मुख्तार हुसैन शाह से पूछताछ की गई और बाद में उसे छोड़ दिया गया. उसके बाद पुलिस की एसओजी टीम ने उसे दोबारा पुछताछ के लिए बुलाया तो उसने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया, जिससे उसकी मौत हो गई. इसके बाद परिजन नाराज हो गए और एसओजी के खिलाफ मोर्चा खोल लिया. यहां जमकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की गई.
रफीक नाई पर PoK में बैठकर साजिश रचने की आशंका
पुंछ में हुए इस आतंकी हमले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. एजेंसियों को शक है कि इस हमले का मास्टरमाइंड रफीक नाई उर्फ सुल्तान है. उसने ही PoK में बैठकर ये साजिश रची. रफीक पुंछ का ही रहने वाला है, वह कुछ सालों पहले भारत से भागकर पीओके पहुंच गया था. खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, रफीक तहरीक उल मुजाहिद्दीन/ गजवनी कमांडर है. उसका काम PoK के टेरर कैंप में ट्रेनिंग पूरी कर चुके आतंकियों को जम्मू कश्मीर में घुसपैठ कराना है.
रफीक की मदद से J-K में दाखिल हुए पाकिस्तानी आतंकी
एजेंसियों को शक है कि पुंछ हमले के पीछे भी उसी का हाथ है. सेना के ट्रक पर हमला करने वाले आतंकी रफीक की मदद से ही जम्मू कश्मीर में दाखिल हुए. रफीक पुंछ जिले के मेंढर का रहने वाला है. वह पीओके में है और वहां से राजौरी पुंछ में आंतक को जिंदा करने की साजिश रच रहा है. सूत्रों के मुताबिक, सेना के ट्रक पर हुए हमले को 5 आतंकियों ने अंजाम दिया था जिसमें से 2 आतंकी पाकिस्तानी थे. इस हमले में NIA समेत अन्य एजेंसियां सभी पहलुओं पर जांच कर रही हैं.
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