पाकिस्तान आतंकियों के साथ मिलकर भारत के ख़िलाफ नित नई साज़िश रचने में जुटा रहता है. इन्हीं साजिशों को नाकाम करने के लिए बीएसएफ ने 'अचूक निशानेबाज' तैयार किए हैं. जो 'मार्क्स मैन' के नाम से जाने जाते हैं. ये निशानेबाज घुसपैठ को तो नाकाम करेंगे ही साथ ही इनका अचूक निशाना पाकिस्तान के स्नाइपर्स को भी सटीक जवाब देेंगे.
बता दें कि पाकिस्तान की तरफ से सीमा के उस पार से हमेशा गुस्ताखियां की जाती रही हैं. पाकिस्तान छिपकर BSF के जवानों को लाइन ऑफ कंट्रोल और इंटरनेशनल बॉर्डर के उस पार से निशाना बनाता है. इन्हीं तमाम चुनौतियों को देखते हुए BSF ने सभी बीओपी (बॉर्डर ऑउट पोस्ट) में अपने खास ट्रेंड अचूक निशानेबाजों को तैनात करने का प्लान तैयार किया है. पाकिस्तान रेंजर और पाक सेना आतंकियो की घुसपैठ कराने के लिए बॉर्डर के माउंट पर ड्यूटी कर रहे BSF के जवानों को चोरी छिपे निशाना बनाता है. लेकिन BSF अब इस पाकिस्तान की हरकतों का जवाब देने के लिए निशानेबाजों की टोली तैयार की है.
यह टोली अलग-अलग बीओपी में जम्मू-कश्मीर के उन खतरनाक इलाकों में तैनात होगी जहां से आतंकी घुसपैठ और स्नायपिंग का सबसे ज्यादा खतरा रहता है. बीएसएफ़ ने इन अचूक निशानेबाजों को खास ट्रेनिंग देकर बॉर्डर पर तैनात करने जा रही है. इंदौर के ट्रेनिंग स्कूल में इन निशानेबाजों की ख़ास तैयारी का हिस्सा बना 'आज़तक'. बीएसएफ़ अपने ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट 'CENTRAL SCHOOL OF WEAPONS AND TACTICS' (CSWT) में सरहद पर 8 सप्ताह की ट्रेनिंग देकर निशानेबाजों की 60 जाबांजों की एक टोली को भेज रहा है.
'आजतक' जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान स्नायपिंग के जरिए BSF के जवानों को इंटरनेशनल बॉर्डर और लाइन ऑफ कंट्रोल पर निशाना बनाने की कोशिश करती रहती है. इसके लिए खासतौर पर पाकिस्तान अपने अलग-अलग बीओपी पर ट्रेन स्नाइपर को तैनात किया हुआ है. पाकिस्तान आर्मी और आईएसआई ने लाइन ऑफ़ कंट्रोल और इंटरनेशनल बॉर्डर पर 150 से ज़्यादा स्नाइपर्स को तैनात किए है. इन शार्प शूटर स्नाइपर के जरिए पाकिस्तान समय-समय पर भारतीय सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की कोशिश करता रहता है.
एलओसी के उस पार PAK अधिकृत कश्मीर में पाकिस्तान आर्मी ने मछल (Machhal), उरी (Uri), तंगधार(Tangdhar) पुंछ(Poochh )बिंबर गली(Bimber Gali),रामपुर( Rampur), कृष्णा घाटी (Krishna Ghati), और मेंढर के सामने अपने खूंखार स्नाइपर्स को तैनात किया हुआ है. यही नहीं पाकिस्तान ने इंटरनेशनल बॉर्डर के उस पार मसरूर बड़ा भाई, सुकमल, चपराल और लूनी में भी पाकिस्तान ने अपने शार्प शूटर को तैनात किया है. जो भारतीय सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की फ़िराक में हमेशा रहते हैं.
सूत्रों के मुताबिक, इन स्नाइपर्स को पीओके में मौजूद ट्रेनिंग कैंप में पाकिस्तान की 'स्पेशल ऑपरेशन टीम' के साथ ट्रेंड किया गया है. स्नाइपर्स के तौर पर पाकिस्तान की रेगुलर आर्मी तो रहती ही है इसके साथ ही आतंकी संगठन लश्कर जैश, और हिजबुल के आतंकियों को भी स्नाइपर्स के तौर पर भर्ती किया गया है. इन स्नाइपर्स को पाकिस्तान की मुजाहिद बटालियन के साथ कई जगहों पर तैनात किया गया है. पाकिस्तान की आर्मी इन आतंकियों को स्नाइपर शूटिंग के बदले में 50 हज़ार से एक लाख तक की रकम भी देता है.
बीएसएफ की टेक्निकल टीम भी कर रही खास तैयार
सरहद पर पाकिस्तान के भेजे गए लश्कर और जैश के आतंकियों पर नजर रखने के लिए बीएसएफ की टेक्निकल टीम भी इंदौर के इंस्टीट्यूट में खास तैयारी कर रही है. हाल ही में BSF ने पाकिस्तान की जिन पोस्टों को अपने मोर्टार के जरिए ध्वस्त किया था उनकी निगरानी सीधे तौर पर इन खास किस्म के 'लॉरस' कैमरों के जरिए की जा रही थी. इन्हीं कैमरों का इस्तेमाल कर BSF करीब 20 किलोमीटर दूर तक इंटरनेशनल बॉर्डर के उस पार हरकतों पर नजर रख रही है.
'आजतक' की टीम ने BSF की टेक्निकल टीम से यह जानने की कोशिश की कि आखिर किस तरीके से सरहद पर इस समय आतंकियों की घुसपैठ को रोकने के लिए इन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, सीमा के उस पार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और इंटरनेशनल बॉर्डर से सटे इलाकों में 450 से ज्यादा आतंकी अलग-अलग लॉन्चिंग पैड पर मौजूद हैं. जिनको अमरनाथ यात्रा के दौरान खलल डालने के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत के अंदर दाखिल कराने की फिराक में है.
'अचूक निशानेबाज़' की खूबियां
अचूक निशानेबाज़ एक 'मार्क्स मैन' होता है. अचूक निशानेबाज़ में 8 हफ्तों की कठिन ट्रेनिंग लेने की क्षमता होती है. बता दें कि ट्रेनिंग के बाद 100 में से एक ही अचूक निशानेबाज़ बनता है. एक अचूक निशानेबाज को 72 घंटे से ज्यादा बिना खाए-पिए माइनस 40 और प्लस 40 के तापमान में डटे रहना पड़ता है. अचूक निशानेबाज़ में धैर्य बनाकर एक जगह एक पोजीशन में बने रहने की क़ाबलियत होनी चाहिए. अचूक निशानेबाज़ को एक गोली एक दुश्मन के वाक्य पर काम करना होता है. BSF के मार्क्स मैन को SSG रायफल (स्नाइपर रायफल), इंसास रायफल, X95(इजराइल के हथियार), बरेटा(इटली का हथियार) पिस्टल फ़ायर में निपुण होना चाहिए. अचूक निशानेबाज़ में ऑपरेशन के दौरान जंगली खाने और पीने के सामान से ही अपनी रक्षा करने का हुनर होता है.
मोनिका गुप्ता / जितेंद्र बहादुर सिंह