J-K: महबूबा ने कहा- माहौल बनाओ, बीजेपी ने गवर्नर से मांगी 10 दिन की मोहलत

जम्मू कश्मीर के लोगों को नई सरकार के लिए और इंतजार करना पड़ेगा. मंगलवार को राज्यपाल से मुलाकात के बाद पीडीपी की मुख‍िया महबूबा मुफ्ती ने सरकार बनाने को लेकर कोई ठोस ऐलान नहीं किया. उन्होंने

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बीजेपी नेता निर्मल सिंह बीजेपी नेता निर्मल सिंह

केशव कुमार

  • श्रीनगर,
  • 02 फरवरी 2016,
  • अपडेटेड 8:38 AM IST

महबूबा मुफ्ती के बाद जम्मू कश्मीर के पूर्व उप मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता निर्मल सिंह ने भी मंगलवार को राज्यपाल एनएन वोहरा से सरकार बनाने को लेकर मुलाकात की. निर्मल सिंह ने इस मुलाकात के बाद कहा, 'हमने गवर्नर से 8-10 दिन का समय मांगा है क्योंकि पहले पीडीपी को अपना नेता चुनना है. हम पीडीपी से गठबंधन जारी रखना चाहते हैं.'

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जम्मू कश्मीर के लोगों को नई सरकार के लिए और इंतजार करना पड़ेगा. मंगलवार को राज्यपाल से मुलाकात के बाद पीडीपी की मुख‍िया महबूबा मुफ्ती ने सरकार बनाने को लेकर कोई ठोस ऐलान नहीं किया. उन्होंने यह कहकर गेंद एक बार फिर बीजेपी के पाले में डाल दी कि नई सरकार बनाने के लिए माहौल की जरूरत है. हालांकि महबूबा ने इस बात से इनकार कर दिया कि पीडीपी और बीजेपी में आपसी विश्वास की कमी है.

जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन को लेकर मंगलवार को गतिरोध तोड़ने के लिए बीजेपी-पीडीपी नेताओं की बैठक तो हुई लेकिन बहुत ठोस प्रगति होते हुए नहीं दिखी. पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने उपमुख्यमंत्री रहे बीजेपी नेता निर्मल सिंह को इस बाबत मंगलवार को मिलने बुलाया था. दोनों  नेताओं के बीच बैठक हुई. बैठक के बाद ये बात सामने आई कि सरकार गठन  को लेकर आगे बढ़ने से पहले महबूबा मुफ्ती गठबंधन की शर्तों पर बीजेपी के टॉप नेताओं से आश्वासन चाहती हैं.

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राज्यपाल ने पूछा था-दो टूक बताओ
7 जनवरी को हुए मुख्यमंत्री के निधन के बाद जारी राजनीतिक संकट के बीच प्रदेश में गवर्नर रूल लागू कर दिया गया था. सरकार गठन के लिए राज्यपाल एन एन वोहरा ने दोनों ही दलों के नेताओं को मंगलवार को ही मिलने बुलाया था. राज्यपाल ने साफ-साफ कहा था कि बीते 10 महीने से राज्य में एकसाथ सरकार चला रही दोनों पार्टियों को स्पष्ट करना होगा कि वे राज्य में दोबारा सरकार बनाएंगे या नहीं.

पीडीपी-बीजेपी दोनों ही ले रहे हैं वक्त
सोमवार सुबह बीजेपी की प्रदेश कोर कमिटी ने बैठक की और दिल्ली जाकर केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की. गठबंधन को बनाए रखने की बात पर ढीला रवैया बनाए हुए थीं. इससे गठबंधन और पुरानी सरकार का भविष्य खतरे में दिख रहा है. मुफ्ती सईद के निधन के बाद से महबूबा के ही सत्ता संभालने की बात कही जा रही है. राजकीय शोक खत्म होने के बावजूद उनके शपथ ग्रहण नहीं करने से मामला फंसता दिखा. रविवार को महबूबा मुफ्ती ने ईशारों में कहा कि वह जम्मू-कश्मीर में नए सिरे से चुनाव करवाना पसंद करेंगी. महबूबा ने पार्टी मीटिंग के दौरान कहा कि मैं पीडीपी की मूल विचारधारा पर अडिग रहूंगी, चाहें मैं अकेली ही क्यों न रह जाऊं, मैं वापस जा सकती हूं. पीडीपी ने एक बयान में कहा कि महबूबा ने सरकार गठन पर अपनी शर्त साफ कर दी है कि केंद्र में सत्तासीन बीजेपी को वे वादे पूरे करने होंगे, जो उन्होंने राज्य में सरकार चलाने के लिए तैयार किए गए साझा एजेंडे में किए थे.

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बीजेपी को है सरकार गठन का पूरा भरोसा
बीजेपी के केंद्रीय नेताओं के मुताबिक उन तक आधिकारिक रूप से महबूबा की कोई शर्त नहीं पहुंची है. बीजेपी को अब भी पूरा भरोसा है कि वे पीडीपी के साथ राज्य में बना लेंगे. उनके नेताओं का माना है कि पिछले 10 महीनों में 'गठबंधन के एजेंडे' की वजह से किसी वादे की कोई ज़रूरत नहीं है. राज्य की 87 सदस्यों वाली विधानसभा में 27 सीटों के साथ पीडीपी सबसे बड़ी पार्टी है. उन्होंने सरकार बनाने के लिए 25 सीटों वाली दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी से गठबंधन किया था.

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