जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लगने के दूसरे दिन राज्यपाल एनएन वोहरा ने शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिसमें चुनी हुई सरकार के पतन के बाद वर्तमान हालात को लेकर चर्चा की जाएगी.
राज्य में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से समर्थन वापस लिए जाने के बाद सरकार अल्पमत में आ गई थी और उन्हें पद छोड़ना पड़ा. गिरने के एक दिन बाद ही राज्यपाल की सिफारिश पर मुहर लगाते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को राज्य में राज्यपाल शासन लागू कर दिया.
माना जा रहा है कि महबूबा मुफ्ती सरकार के पतन के बाद अब घाटी में आतंकी हमले और घुसपैठ बढ़ सकता है. साथ ही अगले हफ्ते से अमरनाथ की यात्रा भी शुरू होने वाली है.
ने 3 साल 3 महीने पीडीपी सरकार को समर्थन देने के बाद यह कहते हुए समर्थन वापस ले लिया था कि जिन मुद्दों को लेकर सरकार बनी थी उसमें कामयाबी नहीं मिली.
पीडीपी के साथ गठबंधन तोड़ने का ऐलान करते हुए ने कहा कि तीन साल पहले जो जनादेश आया था, तब ऐसी परिस्थितियां थी जिसके कारण ये गठबंधन हुआ था. लेकिन जो परिस्थितियां बनती जा रही थीं उससे गठबंधन में आगे चलना मुश्किल हो गया था. राज्य सरकार कई मुद्दों पर फेल रही, इसलिए गठबंधन वापस लिया जा रहा है.
राज्यपाल शासन लागू होने के बाद विधानसभा निलंबित हो गई है. राज्य में 6 साल चलने वाले विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2021 में खत्म होगा.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राज्यपाल की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सभी राष्ट्रीय दलों के प्रदेश अध्यक्ष के अलावा क्षेत्रीय दल भी शामिल होंगे. बैठक में राज्य के वर्तमान हालात पर चर्चा की जाएगी.
सूत्रों के अनुसार, यह सर्वदलीय बैठक राजभवन में शुक्रवार शाम को आयोजित की जाएगी.
अशरफ वानी