जेल के नियमों को लेकर हरियाणा सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे जेल के कानून बदल दिए गए हैं. राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में पंजाब जेल नियमावली-1893 को बदलकर अब हरियाणा कारागार नियम-2022 को मंजूरी दे दी गई है. इसमें कैदियों के जीवन को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं. इन फैसलों के पीछे सरकार का मकसद है कि कैदी जब जेल से बाहर समाज में जाएं तो अच्छे और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं.
वीडियो कॉल कर सकेंगे कैदी
हरियाणा कारागार नियम-2022 के मुताबिक, राज्य की जेलों में 32 प्रकार के सुधारों पर जोर दिया जाएगा. कैदियों का डाइट प्लान भी लागू होगा. इसमें पहले एक कैदी को सिर्फ 7 रोटी देने का नियम था, लेकिन अब बाकायदा मैन्यू तैयार होगा. वहीं, कैदी अब अपने रिश्तेदारों से वीडियो कॉल पर बात भी कर सकेंगे. इतना ही नहीं जेलों में रिसेप्शन डेस्क की भी व्यवस्था की जाएगी. इसका फायदा यह होगा कि कैदियों से मिलने वाले लोग यहां बैठ सकेंगे.
अपराध के हिसाब से होगी बैरक
नये नियम में अब कैदियों को उनके अपराध के मुताबिक बैरक में भेजा जाएगा. सामान्य अपराध करने वाले कैदियों को कुख्यात अपराधियों जैसे गैंगस्टर्स, हत्यारों आदि से अलग रखा जाएगा. कैदियों को ट्रायल के समय व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश करने के बजाय उनको वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश करने पर जोर दिया जाएगा.
बीमार, वृद्ध और महिलाओं के लिए व्यवस्था
नये सुधारों के तहत अच्छे आचरण वाले कैदियों को जेल से बाहर काम करने के लिए भी भेजा जा सकेगा. वहीं, मानसिक बीमार, वृद्ध और महिला कैदियों के लिए भी अलग से व्यवस्थाएं की जाएंगी.
मनजीत सहगल