आखिर क्यों नहीं हो पा रहा खट्टर कैबिनेट का विस्तार, 17 दिन बाद भी फैसला नहीं

हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर की सरकार बने हुए 17 दिन गुजर गए हैं, लेकिन मंत्रिमंडल का गठन अभी तक नहीं हो सका. बीजेपी की सहयोगी जननायक जनता पार्टी, निर्दलीयों को भागेदारी, जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों के बीच मनोहर कैबिनेट का मामला उलझा हुआ है.

दुष्यंत चौटाला और मनोहर लाल खट्टर (फोटो-PTI)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 12 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 9:21 AM IST

  • हरियाणा में अभी तक कैबिनेट गठन नहीं
  • जेजेपी और निर्दलीय को मंत्री बनाने पर पेच

हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर की सरकार बने हुए 17 दिन गुजर गए हैं, लेकिन मंत्रिमंडल का गठन अभी तक नहीं हो सका. बीजेपी की सहयोगी जननायक जनता पार्टी, निर्दलीयों को भागेदारी, जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों के बीच मनोहर कैबिनेट का मामला उलझा हुआ है. जबकि, मुख्यमंत्री मनोहर लाल और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने नतीजे आने के तीसरे दिन ही शपथ ले ली थी.

बीजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से रविवार को हुई मुख्यमंत्री मनोहर लाल की मुलाकात के बाद माना जा रहा था कि मंगलवार को हरियाणा की नई कैबिनेट का गठन हो जाएगा. सूत्रों की मानें तो जेजेपी की डिमांड और महाराष्ट्र में फंसे पेच के चलते मंत्रिमंडल गठन के कार्यक्रम को लटका दिया गया है. माना जा रहा है कि अब अगले दो-तीन दिनों में मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है.

जेजेपी की डिमांड से टला मंत्री मंडल

हरियाणा में कुल 14 मंत्री बनाए जा सकते हैं. प्रदेश के कुल 14 मंत्रियों में से बीजेपी के 8, जेजेपी के 4 और 2 निर्दलीय विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है. सूत्रों की मानें तो बीजेपी अपने सहयोगी जेजेपी को सिर्फ 3 मंत्री पद देना चाहती थी, लेकिन जेजेपी आखिर तक 2 कैबिनेट और 2 राज्यमंत्री बनाने की मांग पर अड़ी हुई है. यही नहीं जेजेपी की नजर हरियाणा के वित्त, कृषि और गृह जैसे कुछ अहम विभागों पर भी है, पर बीजेपी वित्त और गृह देने पर सहमत नहीं है. इसके चलते पिछले दिनों दुष्यंत चौटाला ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की थी.

निर्दलीय विधायकों के हिस्सों पर फंसा पेच

हरियाणा के विभिन्न जिलों, जातियों और निर्दलीय विधायकों को साधकर रखने के चलते मनोहर सरकार के कैबिनेट गठन टल गया है. जेजेपी के साथ निर्दलीय विधायक भी बीजेपी को समर्थन दे रहे हैं. हरियाणा में 7 निर्दलीय विधायक हैं और सभी मंत्री बनने के लिए जोड़तोड़ कर रहे हैं. लेकिन बीजेपी निर्दलीय विधायकों में से करीब 2 से 3 को मंत्री पद देना चाहती है. इतना ही नहीं हरियाणा के बीजेपी मंत्रिमंडल के जरिए जातीय और सामाजिक समीकरण को साधकर रखना चाहती है.

हालांकि मंत्रिमंडल में हो रही देरी पर बीजेपी विधायकों का मानना है कि गृह मंत्री अमित शाह महाराष्ट्र विवाद को सुलझाने में लगे हुए थे. इसीलिए कैबिनेट गठन में देरी हो रही है. जबकि जननायक जनता पार्टी के नेताओं की मानें तो अयोध्या विवाद पर निर्णय के मद्देनजर मंत्रिमंडल के गठन को स्थगित कर दिया गया है. भाजपा सूत्रों का कहना है कि जननायक जनता पार्टी की जिद के कारण मंत्रिमंडल विस्तार को स्थगित कर दिया गया है.

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