Gurugram Realty Fraud: मनी लॉन्ड्रिंग केस में लालू यादव के करीबी गिरफ्तार, 300 करोड़ वसूलने का आरोप

गुरुग्राम रियल्टी फ्रॉड मामले में ED ने लालू प्रसाद यादव के परिवार के करीबी रियल एस्टेट कारोबारी अमित कटियाल को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया है. उन पर फ्लैट न देने, फर्जी बुकिंग करने, जमीन कम कीमत पर बेचने और खरीदारों से करीब 300 करोड़ रुपये वसूलने का आरोप है. कोर्ट ने उन्हें छह दिन की ED रिमांड में भेज दिया है.

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उन पर फर्जी बुकिंग और फंड डायवर्जन के आरोप हैं. (Photo: Representational) उन पर फर्जी बुकिंग और फंड डायवर्जन के आरोप हैं. (Photo: Representational)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 नवंबर 2025,
  • अपडेटेड 10:43 PM IST

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को बताया कि उसने रियल एस्टेट कारोबारी और RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार के करीबी माने जाने वाले अमित कटियाल को मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी गुरुग्राम जोनल ऑफिस द्वारा सोमवार को PMLA कानून के तहत की गई. बाद में विशेष अदालत ने उन्हें छह दिन के लिए ED की कस्टडी में भेज दिया.

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पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
अमित कटियाल को ED ने 2023 में भी रेलवे की लैंड फॉर जॉब्स घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था. इस केस में लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और उनके परिवार के अन्य सदस्य आरोपी हैं. हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी.

Krrish Florence Estate प्रोजेक्ट से जुड़ा घोटाला
नया मामला गुरुग्राम सेक्टर-70 में बने Krrish Florence Estate हाउसिंग प्रोजेक्ट से संबंधित है. इस प्रोजेक्ट को कटियाल की कंपनी Angle Infrastructure Pvt Ltd विकसित कर रही थी, जो 14 एकड़ जमीन पर बनना था.

ED के अनुसार, कटियाल ने लाइसेंस किसी अन्य डेवलपर से 'फर्जी तरीके' से हासिल किया और DTCP हरियाणा से मंजूरी मिलने से पहले ही लोगों से पैसे लेना शुरू कर दिया. इस तरह लगभग 300 करोड़ रुपये की अवैध कमाई ('proceeds of crime') हुई.

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10 साल से अधूरा पड़ा प्रोजेक्ट
जांच में पता चला कि यह प्रोजेक्ट 10 साल से अधूरा है और इसमें सिर्फ तीन टावर ही बनाए गए हैं. काम बंद होने से परेशान होकर खरीदारों ने दिवालियापन की कार्रवाई शुरू कराई.

फर्जी बुकिंग और फंड डायवर्जन के आरोप
ED का कहना है कि यह प्रोजेक्ट मूल रूप से केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए था, लेकिन कटियाल ने कई फर्जी बुकिंग तीसरे पक्ष के नाम पर कीं. इसके अलावा, खरीदारों से लिए गए पैसे को अन्य जगहों पर खर्च किया गया, जिसके कारण निर्माण रुका रहा.

कम कीमत पर जमीन बेचने का आरोप
एजेंसी ने आरोप लगाया कि दिवालियापन प्रक्रिया के दौरान कटियाल ने प्रोजेक्ट से जुड़ी 2 एकड़ जमीन (कीमत 130 करोड़ रुपये) को बेहद कम कीमत पर दूसरों को बेच दिया. ED ने इसे IBC कानून का खुला दुरुपयोग बताया.

बैंक को 80 करोड़ का नुकसान
जांच में यह भी सामने आया कि कटियाल और उनकी कंपनियों ने एक सरकारी बैंक से लिए गए बड़े कर्ज को फर्जी लेनदेन के जरिये दूसरी जगह भेज दिया. इससे बैंक को लगभग 80 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.

तीसरे केस में भी चार्जशीट
ED ने अगस्त में एक और मामले में कटियाल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें Krrish Realtech कंपनी के जरिए 500 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है.

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