गुजरात में प्रधानमंत्री की हर घर नल से जल योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है. महिसागर ज़िले में 123 करोड़ का घोटाला सामने आया है, जहां 600 से ज़्यादा गांवों में पाइपलाइन तो बिछा दी गई लेकिन पानी कभी नहीं आया. वांटा, कालीबेल और मंकोडिया जैसे गांवों में लोग पानी के लिए तरस रहे हैं. करोड़ों रुपये के वर्क ऑर्डर और पेमेंट के बावजूद नल सूखे पड़े हैं. स्थानीय लोग बताते हैं कि चुनाव से पहले वादे किए गए थे, लेकिन अब सिर्फ कागज़ों पर काम पूरा दिखाया गया है. सरकार ने गड़बड़ी पकड़ने और जांच का दावा किया है, 23 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है, लेकिन गांववालों को अब भी पानी नहीं मिला. नवसारी, दाहोद और बनासकांठा जिलों में भी इसी तरह के घोटाले सामने आए हैं. सवाल ये है कि जब प्रधानमंत्री के गृह राज्य में ही योजना का ये हाल है, तो बाकी जगहों पर क्या स्थिति होगी.