तालाब से निकले मगरमच्छ को लाठियों से पीटा, हत्या के बाद शव को झील में फेंका, Video

वडोदरा जिले के करजन क्षेत्र के चोरभुज गांव में मगरमच्छ को लाठियों से पीटकर बेरहमी से मार दिया गया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग ने कार्रवाई की है. साथ ही मामले में दो आरोपियों विट्ठल नायक और बिपिन नायक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. मगरमच्छ अनुसूची-1 का संरक्षित वन्यजीव था.

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क्रूरता की हदें पार.(Photo: Screengrab) क्रूरता की हदें पार.(Photo: Screengrab)

ब्रिजेश दोशी

  • वडोदरा,
  • 24 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:59 PM IST

वडोदरा के करजन क्षेत्र के चोरभुज गांव से एक बेहद क्रूर और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक मगरमच्छ को लाठियों से बेरहमी से पीटकर मार डाला गया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया. वीडियो सामने आते ही वन विभाग हरकत में आया और मामले की जांच शुरू की.

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यह घटना रात के समय की बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, गांव के पास स्थित तालाब से एक मगरमच्छ बाहर निकल आया था. मगरमच्छ को देखकर वहां मौजूद कुछ लोग घबरा गए और उत्तेजित हो गए. इसी दौरान दो लोगों ने मिलकर मगरमच्छ पर लाठियों से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

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वीडियो वायरल होते ही हुई कार्रवाई

मगरमच्छ की हत्या के बाद आरोपियों ने उसके शव को वापस झील में फेंक दिया. इस पूरी घटना का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो तेजी से वायरल हो गया. वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग की टीम ने तत्काल संज्ञान लिया और जांच शुरू की.

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वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान चोरभुज गांव के दो आरोपियों विट्ठल नायक और बिपिन नायक की पहचान की गई. दोनों को गिरफ्तार कर करजन उप-जेल भेज दिया गया है. दोनों आरोपी गांव में खेत मजदूर के रूप में काम करते हैं.

देखें वीडियो...

मगरमच्छ अनुसूची-1 का संरक्षित पशु

वन विभाग ने बताया कि मगरमच्छ का शव बरामद कर लिया गया है और उसका पोस्टमार्टम भी कराया गया है. अधिकारियों के अनुसार, मगरमच्छ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अनुसूची-1 में शामिल है, जिसे नुकसान पहुंचाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है.

इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर 3 से 7 साल तक की कैद और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. यह अपराध गैर-जमानती है. वन विभाग ने इस मामले में सभी जरूरी सबूत और आरोपियों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं.

अदालत तय करेगी सजा

वन विभाग अब इस मामले में आरोप पत्र तैयार कर अदालत में पेश करेगा. आगे की कानूनी कार्रवाई और अंतिम सजा का फैसला अदालत द्वारा किया जाएगा. इस घटना ने वन्यजीवों की सुरक्षा और लोगों में जागरूकता की कमी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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