अहमदाबाद में सोमवार को मातम-सा छा गया, जब शहीद जवान लान्स नायक गोपाल सिंह का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा. भारतीय वायुसेना के खास विमान जरिए गोपाल सिंह का पार्थिव शरीर अहमदाबाद लाया गया. साथ ही उन्हें पुरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई.
गोपाल सिंह का पार्थिव शरीर जब पहुंचा तो न सिर्फ परिवार वालों बल्कि पुरे इलाके में लोगों की आंखें नम हो गई. हर कोई शहीद का अंतिम दर्शन करना चाहता था. गोपाल सिंह के परिजनों के दुख की कोई सीमा नहीं है, लेकिन बेटे की शहादत पर पिता को गर्व भी है.
गौरतलब है कि रविवार को कश्मीर के कुलगाम जिले के चारिपोरा के एक घर में आतंकी छिपे थे. सुबह से आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच एनकाउंटर चल रहा था. इस दौरान अहमदाबाद के गोपाल सिंह भदौरिया समेत राष्ट्रीय रायफल्स के दो जवान शहीद हो गए. मारे गए आतंकियों में हिजबुल और लश्कर के सदस्य हैं.
शहीद गोपाल सिंह ने निरमा यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई अधूरी छोड़ दी थी. परिवार के चार सदस्य फौज में हैं. मेडिकल में एडमिशन नहीं मिलने पर पढ़ाई में उनकी ज्यादा दिलचस्पी नहीं रह गई थी, लेककिन जब उन्होंने सेना में जाने का निर्णय लिया, तो मां ने कहा, 'तू गुजराती संस्कृति में पढ़ा-लिखा है, तू सेना की परीक्षा पास नहीं कर पाएगा'. पर अपने दृढ़ मनोबल से उन्होंने मां की बात को झूठा साबित कर दिया.
मुंबई हमले के समय दिखाई थी बहादुरी
मुंबई के ताज होटल में हुए आतंकी हमले के दौरान भदौरिया ने बहादुरी दिखाते हुए आतंकियों को मार गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. एक सैनिक की जान बचाने के लिए उन्हें मेडल भी दिया गया. गोपाल सिंह 30 जनवरी को ही छुट्टियां मनाकर लौटा था. जाते समय उसने कह दिया था कि मुझे बाहर छोड़ने न आएं. मैं तो देश के लिए हूं, मेरा मोह छोड़ दो. शहीद गोपाल सिंह के परिवार को राज्य की रुपानी सरकार ने 4 लाख रुपये की मदद देने की घोषणा की है.
गोपी घांघर