उत्तर गुजरात के किसान इन दिनों टिड्डियों के आतंक से परेशान हैं. ऐसे में किसान जहां गुजरात सरकार से हेलिकॉप्टर से कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करवाने की मांग कर रहे हैं तो वहीं बनासकांठा के थराद के तहसीलविकास अधिकारी ने तुगलकी फरमान देते हुए कहा है कि शिक्षकों को टिड्डियों को भगाने का काम सौंप दिया है.
हालांकि स्थानिक किसान अलग-अलग तरीकों से टिड्डियों को भगाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बनासाकांठा जिला के विकास अधिकारी ने शिक्षकों को ढोल नगाड़े के साथ टिड्डियों को खेतों में निकलने का आदेश दिया है.ऐसे में सवाल उठता है कि शिक्षक जब कीड़ों को भगाने की कोशिश करेंगे तो शिक्षा हासिल करने आने वाले बच्चों को कौन पढ़ाएगा?
कांग्रेस ने बताया तुगलकी फरमान
वहीं राज्य का टिड्डी नियंत्रण विभाग लगातार दवाई छिड़ने का काम कर रहा है, लेकिन इसका कोई असर टिड्डियों पर देखने को नहीं मिल रहा है. अब तक टिड्डियों का दल बड़े पैमाने पर किसानों को नुकसान पहुंचा चुका है. अब शिक्षकों को टिड्डियों को भगाने का एक ओर काम सौंप दिया गया है. वहीं कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष दोशी ने सरकार पर निशाना साधते हुए इसे तुगलकी फरमान बताया.
गौरतलब है कि उत्तर गुजरात बनासकांठा जिला के 7 तहसील के 46 से ज्यादा गांव में रहने वाले किसान इन दिनों नजर आ रहे हैं. जिला टिड्डी नियंत्रण विभाग और कृषि विभाग की 18 टीमें जिला के वाव, सुईगांव, भाभर, लाखणी, दियोदर, डीसा, थराद तहसील में काम कर रही हैं. टीम फिलहाल 2325 हेक्टेयर क्षेत्र का सर्वे कर करीब 505 हेक्टेयर क्षेत्र में कीटनाशक दवा का छिड़काव कर चुकी है.
गोपी घांघर