जायडस ने भारत में लॉन्च की कोविड-19 की दवा रेमडेसिवीर, ये होगी कीमत

जायडस कैडिला ने बताया कि यह दवा पूरे देश में वितरण नेटवर्क के जरिए जल्द ही उपलब्ध होगी. यह दवा सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में मिलेगी.

सबसे सस्ती दवा होने का दावा
गोपी घांघर
  • अहमदाबाद,
  • 14 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 8:02 AM IST

  • रेमडेक ब्रांड ने लॉन्च किया इंजेक्शन
  • रेमडेसिवीर का सबसे सस्ता ब्रांड

पूरी दुनिया में कोरोना वैक्सीन और दवाई बनाने को लेकर काम चल रहा है. इस बीच भारतीय बाजार में दवा कंपनी जायडस कैडिला ने गुरुवार को रेमडेक ब्रांड के नाम से रेमडेसिवीर इंजेक्शन लॉन्च किया है. कंपनी के मुताबिक रेमडेसिवीर, कोरोना इलाज के लिए सबसे सस्ता इंजेक्शन है. 100 मिलीग्राम की शीशी की कीमत 2,800 रुपये रखी गई है, जो भारत में उपलब्ध रेमडेसिवीर का सबसे सस्ता ब्रांड है

जायडस कैडिला ने गुरुवार को इसकी लॉन्चिंग के दौरान कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए उपयोगी दवा रेमडेसिवीर को रेमडेक ब्रांड के नाम से भारतीय बाजारों में पेश किया गया है. रेमडेक की 100 मिलीग्राम की शीशी की कीमत 2,800 रुपये है.

जायडस कैडिला ने बताया कि यह दवा पूरे देश में वितरण नेटवर्क के जरिए जल्द ही उपलब्ध होगी. यह दवा सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में मिलेगी. कैडिला हेल्थकेयर के प्रबंध निदेशक डॉ. शरविल पटेल ने कहा, ''रेमडेक सबसे सस्ती दवा है, क्योंकि हम चाहते हैं कि कोविड-19 के इलाज में अधिक से अधिक मरीजों तक यह दवा पहुंच सके.''

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जायडस कैडिला कोविड-19 की वैक्सीन बनाने की कोशिश भी कर रही है और जायकोव-डी नाम की यह वैक्सीन क्लिनिकल परीक्षण के दूसरे चरण में है. जायडस ने रेमडेसिवीर के उत्पादन और उसे बेचने के लिए जून 2020 में अमेरिका की गिलेड सायन्सिस इंक के साथ नॉनएक्सक्लूसिव समझौता किया है. इस दवाई को अमेरिकन अथॉरिटी यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा कोरोना के इलाज के लिए प्राथमिकता दी गई है.

वहीं कोरोना वैक्सीन के लिए ग्लोबल हेल्थकेयर कंपनी जायडस के जरिए कहा गया है कि प्लाजमिड DNA वैक्सीन जायकोव-डी (ZyCov-D) के प्रथम चरण का क्लिनिकल ट्रायल खत्म हो चुका है. नतीजे में देखा गया है कि ये दवाई सुरक्षित है और बीमारी का इलाज कर सकती है. कंपनी ने 15 जुलाई से कोरोना वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल भी शुरू कर दिया है.

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कंपनी के मुताबिक पहले चरण में सफल होने के बाद अब दूसरे दौर का क्लिनिकल ट्रायल 6 अगस्त से शुरू होगा, जिसे देश के अलग-अलग हिस्सों में 1000 लोगों पर ट्राय किया जाएगा.

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