...जब 15 साल की शीला दीक्षित पंडित नेहरू से मिलने पहुंचीं

शीला दीक्षित ने अपनी किताब 'सिटीजन दिल्ली: माय टाइम्स, माय लाइफ' में इस बात का जिक्र किया जब वे देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू से मिलने पैदल पहुंची थी. वे दिल्ली में अपने घर से निकलीं और पैदल 'तीनमूर्ति भवन' तक गईं. उस वक्त उनकी उम्र 15 साल की थी.

Advertisement
शीला दीक्षित शीला दीक्षित

गौरव पांडेय

  • नई दिल्ली ,
  • 20 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 10:03 PM IST

दिल्ली की तीन बार मुख्यमंत्री रहीं कांग्रेस की दिग्गज नेता शीला दीक्षित का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. शनिवार सुबह उन्हें दिल्ली के एस्कॉर्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया था. दोपहर 3.30 बजे उन्होंने अंतिम सांस लीं. शीला दीक्षित की राजनीतिक यात्रा काफी लंबी रही.

उनकी राजनीतिक यात्रा उत्तर प्रदेश के कन्नौज से शुरू हुई थी. उनकी पढ़ाई लिखाई दिल्ली में हुई थी. यह संयोग ही है कि वे उसी दिल्ली की तीन बार मुख्यमंत्री बनीं. शीला दीक्षित का एक बचपन का किस्सा भी मशहूर है जब वे पंडित नेहरू से मिलीं थीं.

Advertisement

दरअसल, शीला दीक्षित ने अपनी किताब 'सिटीजन दिल्ली: माय टाइम्स, माय लाइफ' में इस बात का जिक्र किया जब वे देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू से मिलने पैदल पहुंची थीं. वे दिल्ली में अपने घर से निकलीं और पैदल 'तीनमूर्ति भवन' तक गईं. उस वक्त उनकी उम्र 15 साल की थी.

तीनमूर्ति के गेट पर मौजूद गार्ड ने 15 साल की शीला से पूछा कि आप किससे मिलने जा रही हैं' शीला ने जवाब दिया- 'पंडितजी से!' उसी समय जवाहरलाल नेहरू अपनी एंबेसडर कार पर सवार हो कर कहीं बाहर जाने के लिए निकल रहे थे. शीला ने उन्हें देखकर अपना हाथ हिलाया तो जवाब ने पंडित नेहरू में भी हाथ हिला कर उनका अभिवादन स्वीकार किया.

उस समय शीला दीक्षित नहीं बल्कि शीला कपूर थीं. पंजाब के कपूरथला में जन्मीं शीला ने दिल्ली के जीसस एंड मैरी स्कूल से शुरुआती पढ़ाई और फिर दिल्ली विश्वविद्यालय से आगे की पढ़ाई की.

Advertisement

शीला दीक्षित साल 1998 से 2013 तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं. उनके नेतृत्व में लगातार तीन बार कांग्रेस ने दिल्ली में सरकार बनाई. वह सबसे लंबे समय (15 साल) तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »