प्रगति मैदान टनल कांड से सबक! दिल्ली में कैश बैग में GPS सिस्टम लगा रहे हैं व्यापारी

दिल्ली में लूट की वारदातों से व्यापारी वर्ग चिंतित है. प्रगति मैदान लूटकांड की घटना के बाद व्यापारी खासतौर पर एहतियात बरत रहे हैं. इन घटनाओं को रोकने के लिए व्यापारियों ने अनूठी पहल की है. जिसके मुताबिक, व्यापारी अब कैश बैग में जीपीएस सिस्टम लगा रहे हैं. और खुद अपने लाखों के कैश के लेनदेन की निगरानी कर रहे हैं.

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दिल्ली के प्रगति मैदान टनल में पिछले हफ्ते बाइकर्स ने लूट की वारदात को अंजाम दिया था. (फाइल फोटो) दिल्ली के प्रगति मैदान टनल में पिछले हफ्ते बाइकर्स ने लूट की वारदात को अंजाम दिया था. (फाइल फोटो)

सुशांत मेहरा

  • नई दिल्ली,
  • 01 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 10:19 AM IST

राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से लगातार लूट की वारदातें हो रही हैं. इन घटनाओं से दिल्ली के व्यापारी वर्ग ने बड़ा सबक लिया है. यही वजह है कि चांदनी चौक के व्यापारियों ने एक अनूठी पहल की है. इस पहल के मुताबिक, सर्राफा बाजार के कारोबारी कैश और गोल्ड के लेन-देन वाले बैग में जीपीएस सिस्टम बिल्ड कर रहे हैं और अपने कैश और कीमती सामान को ट्रैक कर रहे हैं, ताकि अगर उनके कैश से भरे बैग को लूटा जाता है तो उसका पता लगाया जा सके और आरोपी को पकड़ने में आसानी हो सके.

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यह पहल 'दी बुलियन मार्केट एसोसिएशन' की तरफ से की गई है. एसोसिशन के अध्यक्ष योगेश सिंघाल के मुताबिक, दिल्ली की सबसे बड़ी सराफा बाजार मार्केट कूचा महजानी है. इस मार्केट में रोजाना करोड़ों रुपए का लेनदेन होता है. कारोबारी और उनकी दुकान पर काम करने वाले सेल्समैन सोने और चांदी को बैग में लेकर एक दुकान से दूसरी दुकान और मार्केट में घूमते हैं. इनमें से कुछ लोग लूट की वारदात का शिकार भी हो जाते हैं. ऐसे ये जीपीएस डिवाइस उस बैग को ट्रैक करेगा.

कैसे काम करेगा ये जीपीएस डिवाइस?

योगेश सिंगला के मुताबिक, यह जीपीएस डिवाइस को इस्तेमाल करना बहुत ही आसान है. पैन ड्राइव जितना यह ड्राइव आपको अपने बैग में रखना है या फिर आप कैश के बीच में भी इस डिवाइस को रख सकते हैं. यह डिवाइस एक बार चार्ज होने के बाद 3 दिन तक चलता है और मोबाइल फोन पर ऐप के जरिए इस जीपीएस डिवाइस को आप ट्रैक कर सकते हैं. यह डिवाइस जहां-जहां जाएगा, सैटेलाइट के जरिए वहां उसकी लोकेशन मोबाइल पर आती रहेगी. 

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डिवाइस बंद हुई तो मोबाइल में आ जाएगा डेटा

इस बीच, अगर डिवाइस काम करना बंद कर दें तो कुछ समय बाद उसका रियल टाइम डेटा मोबाइल फोन पर ऐप पर आ जाएगा. इसकी कीमत ₹2000 है. हालांकि, व्यापारियों का मानना है कि यह डिवाइस लूट की वारदातों को रोकने में मदद कर सकती है. क्योंकि अक्सर लूट की वारदात को अंजाम देने वाला शख्स बैग लेकर तुरंत फरार हो जाता है. वह यह चेक नहीं कर पाता कि बैग में इस तरीके का जीपीएस डिवाइस है या नहीं. अगर व्यापारी इसका इस्तेमाल करते हैं तो लूट की जो वारदात होती है उस पर तो लगाम लगेगी. साथ ही साथ अपराधियों को ट्रैक करना भी आसान होगा.

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