फायरिंग का टास्क, बिश्नोई-बराड़ गैंग में शामिल होने की चाहत और... हैरान कर देगी इन शूटर्स की कहानी

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग में शामिल होने की चाहत रखने वाले दोनों शूटर्स को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इन शूटर्स ने तीन दिसंबर को पंजाब के पूर्व विधायक दीप मल्होत्रा के घर के बाहर उन्हें डराने के लिए गोली चलाई थी. हैरान कर देने वाली यह है कि दोनों शूटर्स को इस बात की जानकारी नहीं थी कि वो गोली क्यों चला रहे हैं.

Advertisement
पंजाब के पूर्व विधायक दीप मल्होत्रा के घर पर गोली चलाने वाले शूटर्स अरेस्ट पंजाब के पूर्व विधायक दीप मल्होत्रा के घर पर गोली चलाने वाले शूटर्स अरेस्ट

हिमांशु मिश्रा

  • पश्चिम दिल्ली,
  • 08 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 9:26 PM IST

दिल्ली की सड़क पर सरेआम गोली चालाने वाले दोनों शूटरों को क्राइम ब्रांच पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी के मुताबिक क्राइम ब्रांच ने एक हजार से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला और दोनों बदमाशों को पकड़ने में कामयाब रही. शूटर्स की पहचान आकाश और अखिल के तौर पर हुई है. एक सोनीपत और दूसरा चरखी दादरी का रहने वाला है. ये दोनों बदमाश गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के लिए काम करना चाहते थे. 

Advertisement

तीन दिसंबर को पंजाब के पूर्व विधायक दीप मल्होत्रा के घर के बाहर उन्हें डराने के लिए गोली चलाई थी. हैरान कर देने वाली यह है कि दोनों शूटर्स को इस बात की जानकारी नहीं थी कि वो गोली क्यों चला रहे हैं. उन्हें बस गोली चलाने का आदेश दिया गया था. इन्हें इस बात का आश्वासन दिया गया था कि अगर दोनों ऐसा कर पाएंगे तो उन्हें गैंग में शामिल कर लिया जाएगा. 

दीप मल्होत्रा के घर गोली चलाने वाले शूटर्स गिरफ्तार

दीप मल्होत्रा पंजाब के फरीदकोट से विधायक रह चुके हैं और इनका शराब का कारोबार है. फायरिंग की वारदात के पहले गोल्डी बराड़ ने दीप मल्होत्रा को वॉइस मैसेज भेजे थे और वसूली के लिए फोन भी किया था. जब दीप मल्होत्रा ने उनकी बातें नहीं सुनी तो गैंग ने उनके घर गोलियां चलवा दीं. 

Advertisement

जिस तरीके से बदमाशों ने सरेआम पंजाबी बाग जैसे व्यस्त इलाके में शाम के वक्त गोली चलाई थी. तभी से पुलिस इनकी तलाश में जुट गई थी. पुलिस के सामने सबसे पहले इन दोनों बदमाशों के पहचान की चुनौती थी. पुलिस इस बात का आईडिया था कि लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ऐसे कामों में अक्सर नए लड़कों का इस्तेमाल करते हैं. ताकि पुलिस उनकी पहचान न कर सके.  

शूटर्स को पकड़ने के लिए पुलिस ने 1000 CCTV कैमरे खंगाले

आरोपियों की पहचान के लिए दिल्ली पुलिस ने करीब 1000 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरा के फुटेज की जांच की अपने तमाम सोर्सेस और मुखबिरों से पूछताछ की. दोनों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया. 

पूछताछ में दोनों ने बताया कि वारदात से महज 7 दिन पहले आकाश और अखिल ने एक दूसरे को देखा था.  इन्हें एक दूसरे के सही नाम तक नहीं पता थे. सोशल मीडिया से प्राइवेट मैसेज से उनके पास गोली चलाने के लिए आदेश आया. इनसे कहा गया कि अगर यह लॉरेंस और गोल्डी जैसे गैंगस्टर के लिए काम करना चाहते हैं तो उन्हें अपनी लॉयल्टी साबित करनी होगी और  दोनों तैयार हो गए. 

दोनों को प्लान के तहत छोटी-छोटी जानकारी दी गईं

इसके बाद दोनों को मुरथल के पास की एक जगह बताई गई. उस स्पॉट की फोटो मोबाइल पर भेजी गई जहां पर हथियार रखे थे. जब दोनों स्पॉट पर पहुंचे तो उन्हें एक बैग के अंदर पिस्तौल और गोलियां मिली. इसके बाद दोनों से कहा गया कि वह मादीपुर मेट्रो स्टेशन से जब बाहर निकलेंगे तो उन्हें एक बाइक मिलेगी बाइक का नंबर दिया गया.

Advertisement

बाइक की चाबी कहां रखी है इस बात की भी दोनों की जानकारी मोबाइल के जरिए ही दी गई. गोली कहां चलानी है सिर्फ जगह की सटीक जानकारी दी गई थी वह किसका घर है और किस मकसद से गोली चलानी है इन दोनों को तो यह नहीं बताया गया था. इस काम के लिए दोनों को एक भी रुपया नहीं दिया गया था.

विधायक के घर गोली चलाने के लिए शूटर्स को नहीं दिए गए थे रुपये

दोनों को समझाया गया था कि गोली चलाने के बाद इन्हें भागना कैसे हैं ताकि पुलिस इन्हें न पकड़ सके. सबसे पहले कहा गया था कि एक ऑटो लेना है वह ऑटो आधे किलोमीटर बाद छोड़ देना है. फिर कुछ दूर पैदल चलना है इसके बाद दूसरा ऑटो पकड़ना है फिर उसे छोड़ देना है. फिर तीसरा ऑटो पकड़ना है उसे छोड़ देना है. इसके बाद बस में बैठना है और कुछ दूर बाद उससे उतर जाना है.

दोनों शूटर्स को भागने के लिए दिए गए थे टिप्स

इस तरीके से बार-बार ट्रांसपोर्ट मोड के बदलने की वजह से पुलिस सीसीटीवी फुटेज को ट्रैक नहीं कर पाएगी और आरोपी आसानी से भाग निकलेंगे.  दोनों ने भागने के लिए यही तरीका अपनाया लेकिन पुलिस ने इन दोनों को पकड़ ही लिया. 

Advertisement

दोनों शूटर्स  लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग में शामिल होना चाहते थे

इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लॉरेंस और गोल्डी का वह कौन सा कनेक्शन है जो इन दोनों को लगातार फोन पर गाइड कर रहा था. वह कौन था जिसने मुरथल के पास हथियार रखे थे वह कौन था जिसने मादीपुर मेट्रो स्टेशन के पास बाइक रखी थी. 
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement