दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि निजी स्कूलों में नर्सरी दाखिले में मैनेजमेंट कोटे को खत्म करने से उनकी सरकार के हितों को ही नुकसान पहुंचा है. उन्होंने विश्वास जताया कि इस कदम से दाखिले की प्रक्रिया पारदर्शी होगी. केजरीवाल ने कहा कि यह फैसला कर सरकार ने अपने ही खिलाफ गोल मार लिया.
सीएम ने कहा, 'दाखिले की प्रक्रिया अब बिना किसी सिफारिश के पारदर्शी तरीके से होगी.' अपने बच्चों के दाखिले की मांग के साथ आए में केजरीवाल ने कहा, 'हमने मैनेजमेंट कोटा खत्म कर दिया है. नेता, सरकारी अधिकारी और प्रभावशाली लोग इसका दुरुपयोग कर रहे थे.' मुख्यमंत्री ने कहा कि मैनेजमेंट कोटा खत्म कर और दाखिले में प्राथमिकता देने की 62 तरह की श्रेणियों को खत्म करने से आम आदमी के बच्चों के लिए स्कूलों में 50 फीसदी अतिरिक्त सीट उपलब्ध हो गई है.
'कुछ स्कूलों ने धोखा किया'
केजरीवाल ने इस बात को गलत बताया कि उनकी सरकार में हस्तक्षेप कर रही है. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने स्कूलों को 31 दिसंबर तक दाखिले के अपने मानदंडों को वेबसाइट पर अपलोड करने का समय दिया था. उन्होंने कहा कि कुछ स्कूलों ने सरकार द्वारा उनमें जताए गए विश्वास के साथ धोखा किया. इन स्कूलों ने पूर्व छात्र, भाई-बहन, मैनेजमेंट कोटा जैसी कई श्रेणियों के जरिए 75 फीसदी सीट आरक्षित कर दी थी.
स्वपनल सोनल / IANS