दिल्ली यूं तो बेसब्री से बारिश का इंतजार कर रही है. बारिश ने जरा सी दस्तक भी दी लेकिन दिल्लीवालों का दिल्ली की सड़कों ने भी दिल खोलकर स्वागत किया है. दिल्ली की तमाम सड़कें बुधवार को हुई तेज बारिश के बाद बेहाल हो गईं. जगह जगह सड़कों पर गढ्ढे हो गए हैं और इसकी वजह से एक्सीडेंट का खतरा भी बढ़ गया है. ट्रैफिक के लिहाज से व्यस्त मानी जाने वाली सड़कें भी बदहाल नजर आ रही हैं.
सबसे पहले रिंग रोड की बात करते हैं. ये दिल्ली की न सिर्फ एक प्रमुख और हैवी ट्रैफिक वाली सड़क है, बल्कि इसे दिल्ली की लाइफ लाइन भी कहा जाता है. इस सड़क पर जगह जगह गड्ढे हो गए हैं. कई जगह तो सड़क इतनी खराब हो गई है कि ट्रैफिक जाम भी लगने लगा है. आश्रम के पास नेहरू नगर के पास वाला हिस्सा पूरी तरह से हो गया है. यहां एक बड़े हिस्से में सड़क कई जगह से उधड़ सी गई है.
यहां से थोड़ी ही दूरी पर लाजपत नगर की तरफ फ्लाईओवर उतरते ही कारों और दूसरे भारी वाहनों का सामना बड़े-बड़े गड्ढों से हो रहा है. हैरानी की बात ये है कि कई दिनों से हैं लेकिन इसकी मरम्मत नहीं की गई और अब बारिश की वजह से हालात बद से बदतर होते नजर आ रहे हैं.
जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम के पास ट्रैफिक सिग्नल पर सड़क पर एक बड़ा गड्ढा किसी हादसे का इंतजार कर रहा है. यहां डिफेंस कॉलोनी की तरफ जाने वाली रोड पर करीब आधा फीट गहरा और तीन से चार फीट लंबाई-चौडाई वाला गड्ढा है. जिसमें पानी भर जाने के बाद यह और भी खतरनाक नजर आ रहा है.
गौरतलब है कि ये दोनों ही सड़कें के पीडब्ल्यूडी के अधीन आती हैं और ऐसा भी नहीं है कि सरकार को इस बारे में पता नहीं है. जब आज तक ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से दिल्ली की सड़कों पर गड्ढों के बारे में सवाल किया तो उन्होंने कन्नी जरूर काटी, लेकिन कहा कि वो गड को ठीक करा रहे हैं.
यहां सिर्फ दिल्ली सरकार के अधीन आने वाली सड़कें ही खस्ताहाल नहीं है. लुटियन जोन जैसे वीआईपी इलाके की सड़कों की हालत भी खराब है. लोककल्याण मेट्रो स्टेशन के बाद तुगलक रोड पूरी तरह से छोटे छोटे गड्ढों से भर गई है. बारिश के बाद सड़क की हालत इतनी खस्ता हाल है कि बसें और कारें हिचकोले खा रही हैं. यही हाल एमसीडी की सड़कों का है. हालांकि दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी कहते है कि एमसीडी की सड़कों पर गड्ढें हैं जरूर लेकिन उनकी हालत दिल्ली सरकार की सड़कों से कहीं बेहतर है.
जाहिर है अभी बारिश की शुरुआत है, लेकिन सड़कों ने जिसतरह से दिल खोलकर स्वागत किया है. उसे देखकर लगता है कि गढ्ढों को भरने में सरकार को खासी मशक्कत करनी पड़ेगी.
कपिल शर्मा