Delhi Blast में इस्तेमाल कार के टायर, बोनेट की जांच शुरू... घटनास्थल से फॉरेंसिक टीम ने लिए 42 सैंपल्स

दिल्ली के लालकिले के पास हुए ब्लास्ट की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. फॉरेंसिक टीम ने मौके से 42 एक्जीबिट्स जुटाए हैं जिनकी जांच कल से लैब में शुरू होगी. सीसीटीवी फुटेज में मुख्य आरोपी डॉ. मोहम्मद उमर ब्लास्ट से पहले तीन घंटे तक अपनी i20 कार में बैठा नजर आया.

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फॉरेंसिक टीम ने मौके से 42 एक्जीबिट्स जुटाए (Photo: PTI) फॉरेंसिक टीम ने मौके से 42 एक्जीबिट्स जुटाए (Photo: PTI)

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली ,
  • 11 नवंबर 2025,
  • अपडेटेड 6:44 PM IST

दिल्ली के लालकिले के पास हुए धमाके की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है. फॉरेंसिक टीम ने ब्लास्ट स्पॉट से करीब 42 एक्जीबिट्स इकट्ठे किए हैं जिनकी जांच कल से लैब में शुरू होगी. इन एक्जीबिट्स में I20 कार के दोनों टायर, चेसिस, सीएनजी सिलेंडर और बोनट के कई हिस्से शामिल हैं.

टीम ने सभी 42 नमूनों के स्वैब लिए हैं ताकि जांच के बाद यह पता लगाया जा सके कि धमाके में किस तरह के विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था. इसी बीच जांच एजेंसियों को सीसीटीवी फुटेज से एक बड़ा सुराग मिला है. फुटेज में दिखा है कि डॉ. मोहम्मद उमर उर्फ उमर नबी, जो इस धमाके का मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा है, ब्लास्ट से करीब तीन घंटे पहले तक अपनी Hyundai i20 कार में बैठा रहा.

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फॉरेंसिक टीम ने 42 एक्जीबिट्स इकट्ठे किए

बता दें, उमर कश्मीर का रहने वाला डॉक्टर था और फरीदाबाद के अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में काम करता था. वह आदिल अहमद राठर का करीबी साथी था, जिसे हाल ही में गिरफ्तार किया गया है. राठर अनंतनाग के जीएमसी मेडिकल कॉलेज में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर रह चुका है.

सभी नमूनों को जांच के लिए भेजा गया

राठर से मिली जानकारी के आधार पर एजेंसियों ने सोमवार को फरीदाबाद में छापेमारी की थी. फिलहाल, फॉरेंसिक जांच से यह साफ होने की उम्मीद है कि धमाके में किस तरह के विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ था.

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