रविदास मंदिर वहीं बनाने की मांग, आज से जंतर-मंतर पर दलित कार्यकर्ताओं का धरना

रविदास मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर दलित कार्यकर्ता शुक्रवार से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे. तुगलकाबाद के जहांपनाह जंगल में स्थित संत रविदास के मंदिर को दिल्ली विकास प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 10 अगस्त को तोड़ दिया था.

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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे दलित कार्यकर्ता (फोटो- इंडिया टुडे) जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे दलित कार्यकर्ता (फोटो- इंडिया टुडे)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 8:58 AM IST

  • जंतर-मंतर पर धरने पर बैठेंगे दलित कार्यकर्ता
  • 10 अगस्त को रविदास मंदिर DDA ने तोड़ा था
  • कार्यकर्ताओं कर रहे हैं वहीं मंदिर बनाने की मांग

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के तुगलकाबाद में रविदास मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर दलित कार्यकर्ता शुक्रवार से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे. तुगलकाबाद के जहांपनाह जंगल में स्थित संत रविदास के मंदिर को दिल्ली विकास प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 10 अगस्त को तोड़ दिया था. इसके बाद गुरु रविदास के अनुयायियों ने इस कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया था.

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मंदिर तोड़े जाने के खिलाफ दलित समाज के लोगों ने रामलीला मैदान में बड़ा प्रदर्शन किया था. आंदोलन के बाद इलाके में हिंसा और आगजनी की घटना भी हुई. हिंसा के मामले में भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद समेत 96 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. चंद्रशेखर का दावा था कि उन्हें साजिश में फंसाया गया.

गुरु रविदास जयंती समारोह समिति ने भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद सहित 96 लोगों को बिना शर्त रिहा करने की मांग की. संत सुखदेव वाघमारे महाराज ने कहा कि भूमि गुरु रविदास जयंती सामारोह समिति को वापस दी जाए. उन्होंने कहा कि हम 30 अगस्त यानी आज से जंतर मंतर पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे.

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

उधर, सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर वन क्षेत्र में मंदिर निर्माण की मांग की गई है. हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक तंवर और पूर्व मंत्री प्रदीप जैन ने याचिका दाखिल की. याचिका में कहा गया कि पूजा का अधिकार संवैधानिक अधिकार है. ऐसे में मंदिर का पुनर्निर्माण कराने के साथ दोबारा मूर्ति स्थापित की जाए.

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही गुरु रविदास मंदिर को ध्वस्त किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने 9 अगस्त को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को ढांचा गिराने का निर्देश दिया था. शीर्ष अदालत ने यह चेतावनी दी कि कोई भी मंदिर के विध्वंस का राजनीतिकरण या प्रदर्शन करता है तो उसके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की जा सकती है.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद प्रदर्शन भी हो रहा है. इस पर जमकर राजनीति भी हो रही है. ये पूरा मामला दिल्ली विधानसभा में भी उठा. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमें 4 एकड़ जमीन दो, हम 100 एकड़ जमीन दिल्ली डेवलेपमेंट अथॉरिटी (डीडीए) को देंगे.

केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार डीडीए को बदले में जमीन देगी. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जमीन फौरन मंदिर के लिए दी जानी चाहिए. पूरे देश का फॉरेस्ट उसी जगह पर बनेगा क्या.

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