प्रदूषण पर सियासत जारी: केजरीवाल ने फिर फोड़ा हरियाणा-पंजाब पर ठीकरा

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में छाए स्मॉग के लिए हरियाणा और पंजाब को कसूरवार ठहराया है और कहा है कि अगर इन दोनों राज्यों से आने वाला प्रदूषण कम हो, तो दिल्ली आसानी से सांस ले सकती है.

Advertisement
पराली जलाने पर सियासत पराली जलाने पर सियासत

कपिल शर्मा / दिनेश अग्रहरि

  • नई दिल्ली,
  • 09 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 5:56 PM IST

दिल्ली के लोग प्रदूषण से जूझ रहे हैं और नेता हैं कि सियासी खींचतान में ही उलझे हुए हैं. बजाए कोई समाधान ढूंढ़ने के राजनीतिक बयानबाजी में उलझे हैं. एक बार फिर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में छाए स्मॉग के लिए हरियाणा और पंजाब को कसूरवार ठहराया है और कहा है कि अगर इन दोनों राज्यों से आने वाला प्रदूषण कम हो, तो दिल्ली आसानी से सांस ले सकती है, लेकिन दोनों राज्य सरकारें इस बात को लेकर गंभीर नहीं है.

Advertisement

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि जब तक हरियाणा औऱ पंजाब में पराली जलाना बंद नहीं होगा, तब तक प्रदूषण की समस्या से निजात नहीं मिलेगी. केजरीवाल ने यहां तक कहा कि इन सब मुद्दों पर वह हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों से मिलने के लिए वक्त माग रहे हैं, लेकिन उनके पास मिलने का वक्त तक नहीं है.

केजरीवाल ने कहा कि सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि दिल्ली तक पूरा उत्तर का इलाका इस प्रदूषण की ज़द में है और हर साल नवंबर में ये हालात पैदा होते हैं, लेकिन सरकारों का तालमेल नहीं है. दिल्ली सरकार बात करने और प्रयास करने के लिए तैयार है, लेकिन हरियाणा और पंजाब की सरकारें सहयोग नहीं करती.

दिल्ली जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर है, लेकिन तीन सरकारों को राजनीति से फुर्सत नहीं. एक दिन पहले ही उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ बैठक कर प्रदूषण पर कड़े फैसले लिए. पार्किंग रेट चार गुना बढ़ाने से लेकर सिविल कंस्ट्रक्शन पर प्रतिबंध लगाया गया, लेकिन लगता है कि केजरीवाल इन फैसलों से इत्तेफाक नहीं रखते. सीएम केजरीवाल के मुताबिक जब तक हरियाणा और पंजाब में किसान पराली जलाना बंद नहीं करेंगे, तब तक प्रदूषण से निजात नहीं मिलेगी. इसके लिए उन्होंने किसानों को आर्थिक मदद देने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि उन पर जुर्माना लगाने से कुछ हासिल नहीं होगा. केजरीवाल ने आरोप लगाया कि वो दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मिलने का वक्त मांग रहे हैं, लेकिन उनके पास मिलने का टाइम नहीं है.  

Advertisement

जबसे दिल्ली में प्रदूषण बढ़ा है, केजरीवाल सरकार केंद्र या फिर हरियाणा और पंजाब की सरकारों पर मदद न करने का आरोप लगाती रही है. लेकिन क्या इस खींचतान से कोई हल निकलेगा, क्योंकि अगर वाकई सरकारें फिक्रमंद थीं, तो ये सारी कवायदें अब से बहुत पहले हो जानी चाहिए थीं. 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement