दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में एक कार के अंदर तीन लोगों के शव मिलने के रहस्यमयी मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा है. पुलिस ने उस व्यक्ति को ट्रेस कर लिया है जो सीसीटीवी फुटेज में कार में 'बाबा' के वेश में बैठा नजर आया था, जिसके बाद कार के अंदर तीन लोग मृत पाए गए थे. पुलिस को उम्मीद है कि वह व्यक्ति इस मामले में 'की लिंक' हो सकता है और जांच में व्यक्ति की भूमिका की गहराई से पड़ताल कर रही है.
पुलिस के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 3:50 बजे पीसीआर कॉल मिली थी. कॉलर ने बताया कि पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास एक कार में तीन लोग बैठे हैं, लेकिन वे रिस्पॉन्स नहीं दे रहे. पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो कार के अंदर तीनों व्यक्ति मृत पाए गए. कार के दरवाजे लॉक थे और कार वहां लगभग 50 मिनट से उसी जगह पर खड़ी थी.
पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान 76 वर्षीय रणधीर, 47 वर्षीय शिव नरेश सिंह और 40 वर्षीय लक्ष्मी देवी के रूप में हुई है. रणधीर और शिव नरेश बापरोला के निवासी थे, जबकि लक्ष्मी देवी जहांगीरपुरी की रहने वाली थीं और मूल रूप से बिहार की थीं. रणधीर ड्राइवर सीट पर बैठे थे, जबकि शिव नरेश और लक्ष्मी पीछे की सीट पर थे. पुलिस ने बताया कि ये कार रणधीर की थी.
'लाशों के पास मिलीं शराब की बोतलें'
पुलिस ने शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका जताई गई थी, जिसमें संभावना जताई जा रही थी कि तीनों ने जहर मिला सॉफ्ट ड्रिंक पीया हो. हालांकि, पुलिस अब अन्य एंगल भी जांच रही है, खासकर 'बाबा' की भूमिका को. पुलिस को तीनों की लाश के पास से तीन शराब की बोलत और तीन इस्तेमाल किए हुए डिस्पोजल ग्लास मिले हैं. पुलिस ने बताया कि शिव नरेश और लक्ष्मी के मुंह से वोमिट (उल्टी) निकली हुई थी.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 'बाबा' घटना के दिन कार की फ्रंट पैसेंजर सीट पर बैठा था और तीनों से बातचीत की थी. मृतक पहले से ही संदिग्ध बाबा के संपर्क में थे और वो इन लोगों से अक्सर मिलता रहता था. पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि मौतें जहर के कारण हुईं या इसमें किसी प्रकार की साजिश शामिल थी.
पुलिस का कहना है कि मामले को और जटिल बनाने वाली बात लक्ष्मी देवी का रणधीर और शिव नरेश से संबंध है. पुलिस के अनुसार, रणधीर और शिव नरेश पिछले छह साल से एक-दूसरे को जानते थे और प्रॉपर्टी से जुड़े काम में पार्टनर थे. दोनों परिवार भी एक-दूसरे से परिचित हैं, लेकिन दोनों परिवार के लोग लक्ष्मी को नहीं जानते.
'लक्ष्मी ने कर रखी थीं दो शादियां'
सूत्रों ने चौंकाने वाली जानकारी देते हुए ये भी बताया कि लक्ष्मी ने दो शादियां कर रखी थीं. उसका एक पति बिहार में रहता है और एक के साथ वह दिल्ली में रहती थी.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस फोरेंसिक और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि मौत का सटीक कारण पता चल सके. अधिकारी ने कहा, 'प्रथम दृष्टया मौत जहर लेने से हुई लगती है, लेकिन फोरेंसिक विश्लेषण और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा.' जांचकर्ता जहर या किसी फाउल प्ले की संभावना को भी खारिज नहीं कर रहे.
तीनों मृतकों के फोन जब्त
पुलिस ने बताया कि तीनों मृतकों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं और उनके कॉल रिकॉर्ड, मैसेज तथा चैट की जांच की जा रही है. कार के रूट के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, जिससे की घटनाक्रम को रीक्रिएट किया जा सके.
वहीं, रणधीर के परिवार ने आत्महत्या की बात को सिरे से खारिज कर दिया है. परिवार का कहना है कि रणधीर हंसमुख व्यक्ति थे और उनके पास ऐसा कोई कारण नहीं था कि वे ऐसा कदम उठाते.
रणधीर की बेटी सविता ने बताया कि वह सुबह सामान्य हालत में घर से निकले थे. 'वह फोन पर बोले कि वे खेत में हैं और बाद में लौटेंगे. कोई परेशानी नहीं थी. मैंने अपने पिता को पहले नरेश से बात करते देखा था, लेकिन मैं उस महिला से कभी नहीं मिली थी। मेरे पिता की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी. हमें नहीं लगता कि यह आत्महत्या का मामला है.'
रणधीर के चचेरे भाई ने बताया कि घटना वाले दिन सुबह करीब 9:30 बजे उनकी मुलाकात उससे सड़क पर हुई थी. उन्होंने कहा, 'उसने मुझे बताया कि वह किसी काम से बाहर जा रहा है, लेकिन यह नहीं बताया कि कहां, वह बहुत ही नेक इंसान था और किसी से उसकी कोई दुश्मनी नहीं थी. मुझे नहीं लगता कि वह आत्महत्या कर सकता था.'
हिमांशु मिश्रा