सिसोदिया-कुमार विश्वास बरी, सार्वजनिक संपत्ति को गंदा करने का केस

पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास और मुकेश हुड्डा को सार्वजनिक संपत्ति को गंदा करने के मामले में बरी कर दिया है.

Advertisement
मनीष सिसोदिया और कुमार विश्वास (फाइल फोटो) मनीष सिसोदिया और कुमार विश्वास (फाइल फोटो)

पूनम शर्मा / भारत सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 25 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 6:04 AM IST

पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास और मुकेश हुड्डा को सार्वजनिक संपत्ति को गंदा करने के मामले में बरी कर दिया है. कोर्ट ने मामले में चार्जशीट का निर्धारित समय पूरा होने के बाद देरी से दायर करने को आधार बनाते हुए तीनों को बरी किया है.

6 अक्टूबर 2013 को पुलिसकर्मी की शिकायत पर मानसरोवर पार्क थाना पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी. आरोप था कि एक सरकारी लगे पाए गए. आरोप था कि इसे राजनीतिक लाभ पाने के इरादे से वहां लगाया गया था. पुलिस ने जो केस बनाया उसमें कहा गया कि तीनों आरोपियों ने दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी ऐक्ट, 2007 की धारा 3 के तहत अपराध किया है.

Advertisement

कोर्ट ने कहा कि पुलिस ने 30 मार्च 2015 को तीनों के खिलाफ चार्जशीट दायर की जो 1 साल 5 महीने लेट है. चार्जशीट में जो आरोप लगाए गए है उसमें अधिकतम सजा 1 साल की ही है. सीआरपीसी की धारा 468 के मुताबिक डीपीडीपी ऐक्ट की धारा 3 के तहत अपराध में चार्जशीट दायर करने की समय सीमा 1 साल है.

कोर्ट ने जांच अधिकारी को भी जमकर फटकार लगाई. जांच अधिकारी का कहना था कि संबंधित केस की फाइल उनसे गुम हो गई थी जो कई दिनों बाद दूसरी फाइलों के बक्से में मिली. पटियाला कोर्ट ने कहा कि अगर वजह ये है तो यह महज जांच अधिकारी की लापरवाही है जिसके लिए इस केस के जरिए आरोपियों को परेशान नहीं किया जा सकता.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement