फंड की कमी से जूझ रही दिल्ली की उत्तरी नगर निगम ने अब अपने अस्पतालों में दवाइयों की कमी से निपटने के लिए एक नया रास्ता निकाला है. नॉर्थ एमसीडी अब भगवान के भरोसे अपने अस्पतालों में दवाओं का इंतजाम करने जा रही है. नॉर्थ एमसीडी में स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन जयप्रकाश के मुताबिक नगर निगम के अस्पतालों में जरूरी दवाइयों का स्टॉक लगभग खत्म हो चुका है, ऐसे में नगर निगम ने कई धार्मिक संस्थाओं से बात की है. इन धार्मिक संस्थाओं से नगर निगम ने डोनेशन के तौर पर दवाइयां मांगी है.
जय प्रकाश ने बताया "एक दर्जन धार्मिक संस्थाओं से हम संपर्क में है, हमनें अपने हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिए हैं, फिलहाल पांच संस्थाओं ने हमें मदद करने की सहमति दे दी है, हमनें उन्हें जरूरी दवाओं की लिस्ट दे दी है. अगले एक हफ्ते में दवाएं आनी शुरू हो जाएंगी. इसके अलावा हमनें एक दर्जन एनजीओ से भी मदद मांगी है."
नगर निगम इन संस्थाओं को जरूरी दवाओं की लिस्ट सौंपने जा रही है जिनमें प्रमुख रूप से जरूरी वैक्सीन, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के इलाज के दौरान इस्तेमाल होने वाली पूरक दवाएं शामिल हैं. नगर निगम के अस्पतालों में ब्लड टेस्ट के लिए इस्तेमाल होने वाली किट की भी शार्टेज है.
जिन धार्मिक संस्थाओं ने उत्तरी नगर निगम को दवाएं देने पर सहमति जताई हैं उनमें सनातन चैरिटेबल संस्थान, जनमानस ट्रस्ट, आस्था धर्म संस्था, निरंकारी संस्था शामिल है. आपको बता दें कि नार्थ एमसीडी के सभी अस्पतालों में फंड की कमी के चलते जरूरी दवाओं का स्टॉक अंतिम दौर में है. बीते दिनों नॉर्थ एमसीडी की कमिशनर वर्षा जोशी ने ट्वीट करके दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर नॉर्थ एमसीडी का हेल्थ फंड रिलीज न करने का आरोप लगाया था. वर्षा जोशी ने कहा था कि हेल्थ फंड अकाउंट इस वक्त बिलकुल खाली है. निगम जैसे-तैसे डॉक्टर्स की सैलरी दे पा रहे हैं, लेकिन हॉस्पिटल में दवाओं के स्टॉक मेंकमी आ गई है.
हिन्दू राव हॉस्पिटल की एडिशनल एमएस डॉक्टर विभा का कहना है कि अब जब दवा खरीदने के लिए हम ऑर्डर जारी करते हैं तो फंड की कमी से हमें ये चुनना पड़ता है कि कौन सी दवा खरीदें और कौन सी ना खरीदें. नॉर्थ एमसीडी के कांग्रेस पार्षद दल के नेता मुकेश गोयल ने एमसीडी पर चुटकी ली है. मुकेश ने कहा कि अगर निगम ने अपनी आर्थिक स्थिति नही सुधारी तो आने वाले दिनों निगम कटोरा लेकर घुमेगा.
अंकित यादव