MCD: नार्थ दिल्ली वालों को बड़ा तोहफा, चार मंजिल तक बना सकते हैं घर

दिल्ली की नॉर्थ एमसीडी इलाके के लोगों पर मेहरबान है. स्थायी समिति की बैठक में एमसीडी ने फ्लोर एरिया रेश्यो यानी (FAR) को 400 तक करने की मंजूरी दे दी है.

Advertisement
नॉर्थ एमसीडी 6 लाख घरों को एक बड़ा तोहफा देने जा रही है नॉर्थ एमसीडी 6 लाख घरों को एक बड़ा तोहफा देने जा रही है

अंकित यादव

  • दिल्ली,
  • 31 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 10:55 PM IST

नॉर्थ एमसीडी अपने इलाके में आने वाले 6 लाख घरों को एक बड़ा तोहफा देने जा रही है. बुधवार को स्थायी समिति की बैठक में एमसीडी की ओर से एक प्रस्ताव पास किया गया है. जिसके तहत नॉर्थ एमसीडी के रेगुलराइज इलाके में आने वाले सभी घरों के लिए फ्लोर एरिया रेश्यो यानी (FAR) को 400 तक करने की मंजूरी दे दी गई है. हालांकि इसकी अंतिम मंजूरी शहरी विकास मंत्रालय देगा. जिसके बाद इसे मास्टर प्लान में तब्दील कर एक नियम बना दिया जाएगा.

Advertisement

बीते वर्ष भी ऐसा ही प्रस्ताव एमसीडी ने पास किया था. जिसे बाद में शहरी विकास मंत्रालय ने सहमति देते हुए नॉर्थ एमसीडी के एरिया में आने वाले सभी रिहायशी इलाकों को उस वक्त 300 (FAR) तक की अनुमति दी थी और कमर्शियल इलाकों को 350 (FAR) तक अनुमति दी थी.

उत्तरी दिल्ली नगर निगम के स्थायी समिति के चेयरमैन जयप्रकाश ने बताया कि, 'नगर निगम अपनी ओर से उत्तरी दिल्ली के वासियों को एक बड़ी सौगात देने जा रही है. जिन लोगों ने अपने घरों में थोड़ा-बहुत स्ट्रक्चर चेंज किया है मसलन किसी ने ज्यादा निर्माण करा लिया या कमरे को तोड़कर कुछ अतिरिक्त निर्माण कर लिया है, ऐसे सभी घरों का नक्शा कैंसिल नहीं होगा. उन्हें अतिरिक्त शुल्क देकर उसे पास करा लेना चाहिए. हम उसके लिए अपने दरवाजे खोल रहे हैं.'

Advertisement

वहीं उत्तरी दिल्ली नगर निगम के पूर्व मेयर आदेश गुप्ता ने कहा कि, 'इससे तकरीबन 6 लाख घरों को राहत मिलेगी. यानी अगर इन घरों में कुछ भी अतिरिक्त निर्माण हुआ है या कोई ऐसा निर्माण हुआ है जो नक्शा लेते वक्त नहीं था तो उसे अब हम तोड़ेंगे नहीं. उससे मामूली शुल्क ले कर नगर निगम पास कर देगा. इस कदम से एक ओर नगर निगम की आय बढ़ेगी वहीं दूसरी तरफ उस व्यक्ति के घर का नक्शा पूरी तरह से जायज हो जाएगा.'

हालांकि अभी तक यह प्रस्ताव केवल स्थायी समिति में पास हुआ है. इसे मंजूरी के लिए शहरी विकास मंत्रालय को भेजा गया है. वहां से मंजूरी मिलने के बाद ही यह अमल होगा.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement