बुखार है तो दिल्ली के सरकारी अस्पताल में 'नो एडमिशन'

मेडिकल ऑफिसर्स को हिदायत भी है कि बुखार के आधार पर मरीजों की भर्ती न की जाए क्योंकि डेंगू और चिकुनगुनिया दोनों में ही हड्डीतोड़ बुखार होता है. लिहाजा मरीजों को लगता है उनकी हालत अस्पताल में भर्ती होने की है लेकिन डॉक्टर्स जब तक संभव हो मरीजों को अपने घर पर ही रहकर समय से दवाइयां लेने की सलाह दे रहे हैं.

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दिल्ली में डेंगू, चिकनगुनिया का खौफ दिल्ली में डेंगू, चिकनगुनिया का खौफ

प्रियंका झा / विवेक शुक्ला

  • नई दिल्ली,
  • 15 सितंबर 2016,
  • अपडेटेड 10:11 AM IST

डेंगू और चिकुनगुनिया राजधानी दिल्ली पर कहर बनकर टूट रहा है. अगर ये कहें कि दिल्ली में चिकित्सकीय आपदा की स्थिति है तो शायद आतिशयोक्ति नहीं होगी. बुखार से पीड़ित लोग अस्पताल दर अस्पताल भटक रहे हैं लेकिन किसी भी अस्पताल में बेड नहीं मिल रही है. हमने जायजा लिया गुरू तेग बहादुर अस्पताल का.

सिर्फ डेंगू, चिकनगुनिया के मरीज होंगे भर्ती
गुरू तेग बहादुर अस्पताल में पहुंचे अलग-अलग मरीजों से हमने बात की जिसमें महिलाओं से लेकर सीनियर सिटिजन भी शामिल थे. सभी ने कहा कि बुखार तेज है लेकिन डॉक्टर दवा देकर घर जाने को कह रहे हैं. अस्पताल में बेड्स नहीं हैं. दिल्ली सरकार ने यहां भी ओपीडी में अलग से फीवर क्लीनिक बनाया है. जिसमें लगातार दो डॉक्टरों और पैरामेडिक स्टाफ की मौजूदगी सुनिश्चित की गयी है.

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लेकिन साथ ही मेडिकल ऑफिसर्स को हिदायत भी है कि बुखार के आधार पर मरीजों की भर्ती न की जाए क्योंकि दोनों में ही हड्डीतोड़ बुखार होता है. लिहाजा मरीजों को लगता है उनकी हालत अस्पताल में भर्ती होने की है लेकिन डॉक्टर्स जब तक संभव हो मरीजों को अपने घर पर ही रहकर समय से दवाइयां लेने की सलाह दे रहे हैं. इसकी बड़ी वजह ये है कि अस्पतालों में बिस्तर पहले ही ज्यादा चिकुनगुनिया और डेंगू में ज्यादा गंभीर पायदान पर पहुंच चुके मरीजों से अटे पड़े हैं.

डॉक्टरों, पैरामेडिक स्टाफ की छुट्टी रद्द
आपको बता दें कि डेंगू और चिकुनगुनिया की आपदा जैसी स्थिति के मद्देनजर सरकार ने तमाम डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की छुट्टियां रद्द कर दी हैं. साथ ही नगर निगम को भी मिलकर काम करने को कहा है. दिल्ली सरकार ने नगर निगम को हिदायत दी है कि अगले दो दिन में दिल्ली में हर उस जगह लगातार फॉगिंग होनी चाहिए जहां मच्छरों के पनपने की गुंजाइश है. इस बीच दिल्ली बीजेपी ने भी तीनों नगर निगमों के अधिकारियों और कर्मचारियों को ये आदेश दिया है कि बिना एमरजेंसी के छुट्टी पर न जाएं, और अगर छुट्टी पर जाना भी पड़े तो पूर्वअनुमति के बिना न जाएं.

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स्वास्थ्य मंत्री ने की बैठक
बुधवार दोपहर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने हालात का जायजा लेने के लिए एक समीक्षा बैठक बुलाई. इसमें मुख्य सचिव केके शर्मा समेत तीनों नगर निगमों के अधिकारी और दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल थे. इधर उपराज्यपाल नजीब जंग भी दिल्ली लौट आए हैं. उन्होंने भी अपने स्तर पर अधिकारियों के साथ बैठकों का सिलसिला शुरू कर दिया है.

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