एक साल बाद भी नहीं मिला नजीब, पुलिस पर प्रदर्शन कर रही मां से हाथापाई का आरोप

जेएनयू छात्रों ने एक तस्वीर भी शेयर की है, जिसमें कुछ महिला पुलिसकर्मी नजीब की मां के दोनों हाथ-पांव पकड़कर खींचने की कोशिश करती नजर आ रही है.

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नजीब की मां को हिरासत में लेती पुलिस नजीब की मां को हिरासत में लेती पुलिस

जावेद अख़्तर

  • नई दिल्ली,
  • 16 अक्टूबर 2017,
  • अपडेटेड 6:07 PM IST

सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने जेएनयू छात्र नजीब अहमद का कोई सुराग न मिल पाने को लेकर सीबीआई को फटकार लगाई. वहीं दूसरी तरफ कोर्ट के बाहर प्रदर्शन कर रहे नजीब के परिवार के साथ पुलिस की बदसलूकी के आरोप लग रहे हैं.

दरअसल, नजीब की मां फातिमा नफीस के साथ बड़ी संख्या में जेएनयू छात्र दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे. पुलिस के मुताबिक, जब प्रदर्शनकारियों ने कोर्ट परिसर के अंदर जाने की कोशिश की तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया.

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छात्रों का आरोप है कि इसी दौरान पुलिस ने डिटेन करने के नाम पर नजीब की बुजुर्ग मां के साथ बदसलूकी की. जेएनयू छात्रों ने एक तस्वीर भी शेयर की है, जिसमें कुछ महिला पुलिसकर्मी नजीब की मां के दोनों हाथ-पांव पकड़कर खींचने की कोशिश करती नजर आ रही है. आरोप है कि पुलिस ने नजीब की मां के साथ हाथापाई भी की. छात्रों का ये भी आरोप है कि नजीब की मां को चोट आई हैं.

नई दिल्ली के डीसीपी बीके सिंह ने बताया कि प्रदर्शन करने वालों में 35 लोगों को हिरासत में लिया गया है. जिनमें नजीब की मां भी शामिल हैं. उन्होंने बताया कि ज्यादातर छात्रों को हिरासत में लेकर बाराखंबा रोड पुलिस स्टेशन ले जाया गया. हालांकि, शाम के वक्त इस सभी को छोड़ दिया गया.

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इससे पहले मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सीबीआई पर गंभीर टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि मामले की जांच में सीबीआई की ओर से दिलचस्पी का पूरा तरह अभाव रहा है. सीबीआई द्वारा अदालत में रखे गए तथ्यों और उसकी स्टेटस रिपोर्ट में विरोधाभास पर भी कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की.

ये है मामला

जेएनयू के माही-मांडवी हॉस्टल में 15 अक्टूबर 2016 को छात्र नजीब से कुछ एबीवीपी छात्रों की झड़प का मामला सामने आया था. झगड़े की अगली सुबह ही 16 अक्टूबर को ठीक एक साल पहले नजीब कैंपस से लापता हो गया था. जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी. नजीब की मां की याचिका के बाद कोर्ट ने बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंपी थी. मगर, एक साल बीत जाने पर भी नजीब का कोई सुराग नहीं लग पाया है.

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