मोदी सरकार के 60 महीने जुमलेबाजी में निकल गए : अलका लांबा

आम आदमी पार्टी की व‍िधायक अलका लांबा ने कहा कि भाजपा की सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बेनकाब हो गई है, 2019 बीजेपी को महंगा पड़ेगा.

Advertisement
फाइल फोटो फाइल फोटो

पंकज जैन / दीपक कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 08 अगस्त 2018,
  • अपडेटेड 4:05 AM IST

दिल्ली सरकार की शक्तियों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर दिल्ली विधानसभा में मंगलवार को आम आदमी पार्टी के विधायकों ने चर्चा की. इस दौरान विधायकों ने एक बार फिर बीजेपी शासित केंद्र सरकार के साथ-साथ एलजी पर सरकार के कामकाज में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया है.  

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का ज़िक्र करते हुए आम आदमी पार्टी की विधायक अलका लांबा ने कहा कि मोदी सरकार के 60 महीने जुमले बाजी में निकल गए लेकिन केजरीवाल सरकार के 60 महीने कोर्ट में खर्च हो रहे हैं.  

Advertisement

'आप' विधायक ने सदन में कहा कि 2015 में केजरीवाल सरकार बनने के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग शुरू हुई थी.  अधिकारियों पर कार्रवाई का एक पोस्टर भी सरकार ने जारी किया था लेकिन केंद्र सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर दिल्ली सरकार से एसीबी छीन ली. ऐसा लगता है कि केंद्र की सरकार, बीजेपी अध्यक्ष, और प्रधानमंत्री को दिल्ली की हार का दुःख है. अलका लांबा ने एलजी पर भी निशाना साधा.

उन्होंने कहा कि अपने काम नहीं करते लेकिन केजरीवाल सरकार के काम में अड़ंगा ज़रूर डालते हैं. एलजी साहब को सीसीटीवी की जरूरत महसूस नहीं होती है तो उन्हें सीसीटीवी कैमरे अपने घर के पास से भी हटा देना चाहिए. अलका लांबा ने आरोप लगाया कि एलजी गेस्ट टीचर की नियुक्ति पर फाइल दबाकर बैठे रहे और न्यूनतम मजदूरी के फैसले को पलट दिया गया है. उन्होंने आगे कहा कि घर-घर राशन पहुंचाने की फाइल रोक दी गई और साढ़े 3 साल तक दिल्ली के आम आदमी को परेशान किया गया.

Advertisement

अलका लांबा यहीं नहीं रुकी. उन्होंने पूरे मामले को 2019 के से जोड़ दिया.  विधायक ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया की फाइल के लिए एलजी से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है.इस फैसले ने सरकार को बेनकाब कर दिया है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »