पूरा उत्तरी भारत इस वक्त जबरदस्त ठंड की चपेट में है. हड्डियों को गलाने वाली सर्द हवाएं चल रही हैं. इस जानलेवा ठंड में लोग घर से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं. ऐसे में देश की राजधानी दिल्ली में लोग सर्द रात में खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर हैं. ऐसे लोगों की स्थिति जानने के लिए दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी और दिल्ली के विधायक कपिल मिश्रा निगम बोध घाट के आसपास के शेल्टर होम का दौरा करने पहुंचे.
बता दें, दिल्ली में ठंड से अब तक करीब हो चुकी है. ऐसे में मुख्यमंत्री निवास से महज 1 किलोमीटर की दूरी पर हजारों लोग सर्द रात में खुले आसमान के नीचे और यमुना के किनारे खुले में सोने को मजबूर हैं. शेल्टर होम में जगह नहीं है. कई लोगों के पास तो ओढ़ने के लिए कंबल भी नहीं है. दिल्ली के इन गरीब वोटर की दयनीय स्थिति के बारे में कपिल मिश्रा ने केजरीवाल और दिल्ली सरकार को दोषी ठहराया और कहा कि अगर इस भयावह स्थिति को देखने के बावजूद दिल्ली सरकार शेल्टर होम की उचित व्यवस्था नहीं करती है तो दिल्ली के बाशिंदे इसी तरह खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर होंगे. उन्होंने कहा, केजरीवाल सरकार को चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए. दिल्ली सरकार केवल ट्विटर और सोशल साइट पर शेल्टर होम की बात कह रही है, जबकी सच्चाई इसके उलट है.
दूसरी तरफ ने भी दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में पिछले सालों से आम आदमी पार्टी की सरकार है. अगर दिल्ली का आम आदमी इस तरह खुले आसमान के नीचे सो कर मरने को मजबूर है तो इसकी जिम्मेदारी केजरीवाल को लेनी चाहिए. मनोज तिवारी ने कहा कि इस मुद्दे को वह लोकसभा में उठाएंगे. उन्होंने कहा कि वाकई दिल्ली की ये शर्मनाक तस्वीर है जो सामने आई है.
भले ही यह नेता शेल्टर होम का दौरा कर बड़े-बड़े वादे कर रहे हों, लेकिन कड़वी हकीकत यह है कि हर साल नेता-मंत्री ठंड में इसी तरह शेल्टर होम का दौरा करते हैं. लोगों को कंबल बांटते हैं और फिर इनको उसी हाल में छोड़ जाते हैं.
रणविजय सिंह / पुनीत शर्मा