जनता दल यूनाइटेड के नेता केसी त्यागी ने वाराणसी ज्ञानवापी विवाद पर अपनी बेबाक राय रखी है. आजतक से बात करते हुए त्यागी ने कहा कि जब जेडीयू एनडीए में शामिल हुआ था तभी तय हुआ था कि जिन मसलों पर एक राय नहीं है, उसको बाहर रखना चाहिए और ऐसे मसलों पर आम सहमति या अदालत के फैसले को मानना चाहिए. उन्होंने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के हर फैसले का स्वागत करते हैं.
जेडीयू नेता ने कहा कि हम जबरन इतिहास को बदलने के खिलाफ है. अगर किसी युग में ऐसा हुआ है तो ऐसे मामले को तय करने के लिए सुप्रीम सबसे उपयुक्त संस्था है. सुप्रीम कोर्ट का फैसला सबको मान्य होगा. उन्होंने कहा कि जब विदेशी आक्रांता आए तो सवाल तो ये भी उठता है कि हिंदू बाहुल्य भारत में हम मुट्ठी भर हमलावरों से लड़ने में नाकाम क्यों रहे?
किसी को ये नहीं लगना चाहिए कि उनपर कोई चीज थोपी गई है: त्यागी
उत्तर प्रदेश के मदरसों में राष्ट्रगान अनिवार्य करने के योगी सरकार के फैसले पर केसी त्यागी ने कहा कि राष्ट्रगान का कोई विरोध कोई क्यों करेगा? इसी राष्ट्रगान गाकर हमने महात्मा गांधी के नेतृत्व में आजादी पाई. इस पर किसी विवाद का समर्थन हम नहीं करते है. त्यागी ने कहा कि कुछ बिगड़े दिमाग वाले राष्ट्रगान का विरोध कर रहे हैं. किसी वर्ग को ये नहीं लगना चाहिए कि उन पर कोई चीज थोपी गई है.
बिहार में हम किसी चीज को जनता पर नहीं थोपते: त्यागी
जेडीयू के नेता ने बिहार की राजनीति पर भी आजतक से बातचीत की. उन्होंने कहा कि बिहार में आम सहमति से फैसले होते हैं. किसी भी मुद्दे पर सरकार सभी पार्टियों से बात करती है और जो जनहित में फैसला होता है, उसे लागू किया जाता है. उन्होंने कहा कि बिहार में हम किसी पर भी कोई चीज नहीं थोपते हैं.
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हिमांशु मिश्रा