प्रदूषण पर बुलाया जाए विधानसभा का विशेष सत्र: कपिल मिश्रा

कपिल ने अपने लिखा है कि दिल्ली में हेल्थ इमरजेंसी पर चर्चा व इससे निपटने के लिए सरकार के पास रखे अतिरिक्त 1500 करोड़ रुपये से उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों पर चर्चा के लिए सदन का विशेष सत्र बुलाया जाए.

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कपिल मिश्रा कपिल मिश्रा

मणिदीप शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 10 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 3:37 PM IST

दिल्ली सरकार आने वाले सोमवार से ऑड-इवन योजना को शहर में फिर से लागू करने जा रही है, सरकार का मानना है कि इससे प्रदूषण के लेवल में कमी होगी. वहीं दूसरी तरफ दिल्ली सरकार में पूर्व मंत्री रहे कपिल मिश्रा ने दिल्ली विधानसभा स्पीकर राम निवास गोयल को पत्र लिखकर प्रदूषण के मुद्दे पर विधानसभा का स्पेशल सत्र बुलाने की मांग की है.

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कपिल ने अपने लिखा है कि दिल्ली में हेल्थ इमरजेंसी पर चर्चा व इससे निपटने के लिए सरकार के पास रखे अतिरिक्त 1500 करोड़ रुपये से उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों पर चर्चा के लिए सदन का विशेष सत्र बुलाया जाए.

कपिल मिश्रा ने लिखा है कि आज जब दिल्ली में लोगों का दम घुट रहा है , बच्चों के स्कूल बंद करने की नौबत आ गई है, डॉक्टर घर से बाहर न निकलने की सलाह दे रहे हैं, तो हमारी विधानसभा की ये जिम्मेदारी बनती है कि इस आपातस्थिति पर तुरंत विशेष सत्र बुलाएं. ये विशेष सत्र केवल भाषणबाजी या आरोप प्रत्यारोप में उलझकर न रह जाए, इसलिए सत्र का विषय बहुत स्पष्ट रखा जाए.

कपिल मिश्रा ने ट्वीट करके दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा कि नोटबंदी पर, मोदी सरकार पर, कश्मीर पर, ईवीएम पर दिल्ली सरकार विशेष सत्र बुलाती है तो दिल्ली के प्रदूषण पर विशेष सत्र क्यों नहीं बुलाया जा रहा है.

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कपिल ने अपने पत्र में बढ़े मेट्रो किराए का जिक्र करते हुए लिखा है कि अभी कुछ दिन पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को पत्र लिख कर बताया था कि मेट्रो के किराए कम करने के लिए 1500 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार दे सकती है. ये बात भी स्पष्ट है कि वो 1500 करोड़ रुपये मेट्रो को नहीं दिए गए और सरकार के पास अभी ये 1500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त पैसा बचा हुआ है.

दिल्ली में इन समय जारी हेल्थ इमरजेंसी जिसमें मुख्यमंत्री ने माना है कि दिल्ली इस वक्त एक गैस चैंबर बन चुकी है, ये 1500 करोड़ रुपये से काफी कुछ किया जा सकता है.

उन्होंने लिखा है कि...

1. मेरा निवेदन है कि दिल्ली की विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर सरकार के पास बचे इन 1500 करोड़ रुपये से तत्काल क्या आपातकालीन कदम उठाए जा सकते हैं, इस पर विस्तृत चर्चा सदन में की जाए.

2. सदस्यों को विषय की गंभीरता समझाने हेतु आदरणीय भूरे लाल या सुनीता नारायण जैसे कुछ एक्सपर्ट्स को भी सदन में बुलाया जाए.

3. सदन के द्वारा एक टास्क फोर्स बनाई जाए, जिसमें देश में सबसे बेहतरीन एक्सपर्ट हों और सरकार के सबसे अच्छे अधिकारी जो दिल्ली के लिए एक एक्शन प्लान बनाएं. जिससे हर साल बार-बार ये स्थिति उत्पन्न ना हो.

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4. मेरा मानना है कि सरकार के पास जो 1500 करोड़ रुपये बचे हुए हैं, उससे दिल्ली सरकार कई कदम उठा सकती है. जैसे इतने पैसों से 3000 लक्ज़री बसें खरीदी जा सकती हैं. शीला सरकार के समय डीटीसी के पास 8500 बसें थी और आज सिर्फ 5000 बसें बची हैं.

5. इन्हीं पैसों से दिल्ली में मेडिकल इमरजेंसी की तैयारी की सकती है, झुग्गी, स्लम, अनधिकृत कॉलोनियों, स्कूलों और रेन बसेरो में अच्छी क्वालिटी के मास्क दिए जा सकते है.

6. दिल्ली की सड़कों की वैक्यूम क्लीनिंग व जल छिड़काव की आधुनिक मशीने खरीदी जा सकती हैं.

7. इतने पैसों से पूरे शहर में 7500 स्मॉग फ्री टावर लगाए जा सकते हैं.

8. इतने पैसो में शहर में 5000 विशाल एयर प्यूरिफायर लगाए जा सकते हैं.

उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि अब समय आ गया है कि विधानसभा इस मुद्दे पर तुरंत विशेष सत्र बुलाकर फैसला करे. कपिल मिश्रा ने अपने पत्र की कॉपी दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को भी भेजी है.

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