ना गिरफ्तारी, ना ठोस एक्शन, 40 घंटे बाद भी JNU हिंसा के गुनहगारों की तलाश!

सोशल मीडिया पर हमलावरों के वीडियो की भरमार है लेकिन पुलिस अभी तक कोई एक्शन लेने में झिझक रही है. JNU में हुए बवाल ने देश के अन्य शहरों तक प्रदर्शन की चिंगारी पहुंचा दी है, मुंबई-कोलकाता समेत कई शहरों में छात्र सड़कों पर उतर JNU छात्रों के समर्थन में खड़े हैं.

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JNU में दिल्ली पुलिस (फोटो: PTI) JNU में दिल्ली पुलिस (फोटो: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 7:53 AM IST

  • JNU हिंसा पर दिल्ली पुलिस की जांच जारी
  • दो दिन बीतने के बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं
  • दिल्ली पुलिस के एक्शन पर उठ रहे हैं सवाल

देश की राजधानी दिल्ली के सर्वश्रेष्ठ शिक्षा संस्थानों में से एक जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में रविवार को कई नकाबपोश हमलावरों ने तोड़फोड़ की, छात्रों-फैकल्टी से मारपीट की. इस घटना को दो दिन होने को हैं, लेकिन दिल्ली पुलिस अभी तक किसी भी गुनहगार को पकड़ नहीं पाई है. सोशल मीडिया पर हमलावरों की वीडियो की भरमार है लेकिन पुलिस अभी तक कोई एक्शन लेने में झिझक रही है. JNU में हुए बवाल ने देश के अन्य शहरों तक प्रदर्शन की चिंगारी पहुंचा दी है, मुंबई-कोलकाता समेत कई शहरों में छात्र सड़कों पर उतर JNU छात्रों के समर्थन में खड़े हैं.

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अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं, दिल्ली पुलिस पर सवाल?

जामिया यूनिवर्सिटी में जब नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी, तो दिल्ली पुलिस बिना किसी परमिशन के कैंपस में घुसी और हवाला ये दिया कि कुछ बाहरी गुंडे अंदर घुस गए हैं. लेकिन जब जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में खुलेआम गुंडे घुस रहे थे, तब पुलिस गायब रही. यही कारण है कि दिल्ली पुलिस के एक्शन पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

अभी तक इस मामले में शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने FIR तो दर्ज कर ली है, लेकिन कोई ठोस एक्शन नहीं लिया गया है. पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में साफ दिख रहा है कि इस हिंसा में बाहरी लोगों का हाथ है, इस हिंसा की कड़ी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए सर्वर पर शुरू हुए विवाद से हुई. पुलिस का कहना है कि पांच जनवरी को पहले शाम पांच बजे, फिर शाम सात बजे उनके पास कॉल आई. अभी पुलिस की ओर से सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है. पुलिस के सामने अभी भी चुनौती है कि वह इस हिंसा के गुनहगारों को जल्द से जल्द पकड़े.

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दिल्ली पुलिस की तरफ से इस मामले की जांच करने के लिए एक टीम का गठन किया गया है. साथ ही इस मामले को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है, जिसने अपनी जांच शुरू कर दी है.

JNU में हुई हिंसा की तस्वीर (फोटो: PTI)

कई दिनों से जारी थी लड़ाई

बता दें कि जेएनयू में बीते कुछ दिनों ने ABVP बनाम लेफ्ट विंग की लड़ाई चल रही थी. जिसमें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन को लेकर सर्वर पर दोनों पक्ष आमने-सामने थे. लेकिन रविवार को ये लड़ाई इस ऊंचाई पर पहुंच गई कि नौबत तोड़फोड़ और हाथापाई तक पहुंच गई. सर्वर की घटना के बाद व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए, लोगों को इकट्ठा किया गया और फिर हमला करने की बात कही गई. इसी के बाद शाम 6.30 बजे नकाबपोशों की भीड़ आई, जिसने हमला किया.

मंत्रालय को सौंपी गई है रिपोर्ट

जेएनयू में हुई हिंसा पर मानव संसाधन मंत्रालय ने रिपोर्ट तलब की थी. जेएनयू के चीफ प्रॉक्टर धनंजय सिंह का कहना है कि जो भी हिंसा हुई वह काफी निंदनीय थी. उन्होंने आज मंत्रालय के सेक्रेटरी से मुलाकात की है, हमारी तरफ से यूनिवर्सिटी का माहौल नॉर्मल करने की कोशिश है. गौरतलब है कि इस हिंसा में तीस से अधिक छात्र घायल हुए थे, सोमवार को JNU समेत देश की कई यूनिवर्सिटी में इस हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन जारी थी.

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