'कब्र खुदेगी...' वाले नारे को लेकर JNU फिर विवादों में, ABVP ने बताया हिंदू विरोधी मानसिकता

जेएनयू कैंपस में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी का वीडियो वायरल होने से विवाद खड़ा हो गया है. साबरमती हॉस्टल के बाहर छात्रों ने 'मोदी-शाह की कब्र खुदेगी' के नारे लगाए. ABVP ने इसे हिंदू विरोधी मानसिकता बताया है, जबकि JNUSU ने इसे विचारधारा की लड़ाई कहा है.

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ABVP ने नारेबाजी को हिंदू विरोधी मानसिकता बताया है. (Photo: Screengrab) ABVP ने नारेबाजी को हिंदू विरोधी मानसिकता बताया है. (Photo: Screengrab)

हिमांशु मिश्रा / अरविंद ओझा / श्रेया चटर्जी / आशुतोष मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 06 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:00 PM IST

दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर से विवादों में है. यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रों साबरमती हॉस्टल के बाहर देर रात छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित नारे लगाने के आरोप लगे हैं. वायरल हुए 35 सेकंड के वीडियो में 'मोदी-शाह की कब्र खुदेगी जेएनयू की धरती पर' जैसे नारे सुनाई दे रहे हैं. 

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यह प्रोटेस्ट कोर्ट के एक हालिया फैसले और 5 जनवरी 2020 को कैंपस में हुए हमले की छठी बरसी के मौके पर आयोजित किया गया था. 

फिलहाल दिल्ली पुलिस को इस मामले में कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है.

JNUSU और SFI ने नारेबाजी को बताया वैचारिक विरोध

JNUSU अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने आजतक से बातचीत में कहा, "यह कोई विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि 5 जनवरी की हिंसा की याद में सभा थी. नारे उस 'फासीवादी विचारधारा' के खिलाफ हैं, जिसके लिए पीएम और गृह मंत्री जिम्मेदार हैं." 

वहीं, SFI की उपाध्यक्ष गोपिका ने नारेबाजी को जायज ठहराते हुए कहा कि वे किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि हिंदुत्व की विचारधारा के खिलाफ हैं.

'सांपों के फ़न कुचले जा रहे...'

दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "सांपों के फ़न कुचले जा रहें हैं, सपोलें बिलबिला रहें हैं. JNU में नक्सलियों, आतंकियों, दंगाइयों के समर्थन में भद्दे नारें लगाने वाले हताश हैं क्योंकि नक्सली खत्म किए जा रहें हैं, आतंकी निपटाए जा रहें हैं और दंगाइयों को कोर्ट पहचान चुका है."

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उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दयाशंकर सिंह ने कथित नारेबाजी पर कहा, "JNU में वे भारत के पैसे से पढ़ते हैं और विदेशी मानसिकता रखते हैं, ऐसे लोगों से देश को सावधान रहना चाहिए."

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सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने की FIR दर्ज करने की मांग...

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने SHO वसंत कुंज को पत्र लिखकर, साबरमती हॉस्टल के बाहर आपत्तिजनक, भड़काऊ और उकसाने वाले नारे लगाने के लिए FIR दर्ज करने की गुजारिश की है. जेएनयू के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. दिल्ली पुलिस से BNS प्रावधानों के तहत FIR दर्ज करने की गुजारिश की है.

ABVP ने लगाए 'अर्बन नक्सल' होने के आरोप

ABVP जेएनयू के अध्यक्ष मयंक पांचाल ने इस नारेबाजी की कड़ी निंदा की है और दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है. उन्होंने कहा कि नारे लगाने वालों की मानसिकता हिंदू धर्म के प्रति नफरत से भरी है. सोशल मीडिया पर ABVP ने इसे 'एंटी इंडिया थॉट' और 'इंटेलेक्चुअल टेररिज्म' करार दिया है. ABVP उपाध्यक्ष मनीष और छात्र गौतम ने दावा किया कि ये नारे उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में लगाए गए थे.

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5 जनवरी की हिंसा पर सवाल...

जेएनयू में 5 जनवरी 2020 को नकाबपोश हमलावरों ने छात्रों और शिक्षकों पर हमला किया था, लेकिन 6 साल बाद भी हमलावर पकड़े नहीं गए हैं. छात्रों ने इस पर सवाल उठाया है. जेएनयू के छात्र इस दिन को 'क्रूर हमले' के रूप में मनाते हैं. इसके साथ ही हाल ही में आए एक कोर्ट के फैसले को लेकर भी छात्रों में नाराजगी थी, जिसे लेकर साबरमती हॉस्टल के बाहर चर्चा और नारेबाजी की गई.

 
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