आम आदमी पार्टी की तरफ से दिल्ली हाईकोर्ट में एक दिलचस्प याचिका लगाई गई है. यह याचिका चुनाव आयोग में रजिस्टर हुई एक नई पार्टी के खिलाफ लगाई गई है. आरोप है कि इस नई पार्टी का नाम आम आदमी पार्टी से मिलता-जुलता है. इस नई पार्टी का नाम 'आपकी अपनी पार्टी' है.
दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को आम आदमी पार्टी की याचिका पर नोटिस जारी किया है. आम आदमी पार्टी ने अपने नाम से मिलते-जुलते नाम की पार्टी को लेकर नई पार्टी के गठन पर आपत्ति जताई है. चुनाव आयोग ने हाल ही में 'आपकी अपनी पार्टी' को मान्यता दी है.
की दलील है कि उसकी पार्टी के नाम के जैसे मिलते-जुलते नाम पर यह नाम रखा गया है. इस तरह के मिलते-जुलते नाम के कारण जनता को वोट डालते समय उलझन हो सकती है. इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर इस मामले की अगली सुनवाई 13 नवबंर को तय की है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी का सवाल है कि आखिर मिलते-जुलते नाम वाली पार्टी का रजिस्ट्रेशन क्यों किया गया है? आम आदमी पार्टी ने अपनी याचिका में कहा कि मिलती-जुलती नाम वाली पार्टी को मिले रजिस्ट्रेशन के बाद मतदाता इन दोनों पार्टियों को लेकर कंफ्यूज होंगे और फर्क नहीं कर पाएंगे. आम आदमी पार्टी की चिंता है कि इस कंफ्यूजन से उनके वोट परसेंटेज पर भी फर्क पड़ सकता है.
याचिका में की तरफ से कोर्ट से गुहार लगाई गई कि इस पार्टी का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जाए. इस मामले में नवंबर में होने वाली सुनवाई से पहले चुनाव आयोग को दिल्ली हाईकोर्ट के नोटिस पर अपना जवाब दाखिल करना है. चुनाव आयोग के जवाब से ही यह तय होगा कि आम आदमी पार्टी के नाम से मिलती-जुलती आपकी अपनी पार्टी के रजिस्ट्रेशन का भविष्य क्या होगा?
राम कृष्ण / पूनम शर्मा