दिल्ली में यमुना में बाढ़, हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया लाखों क्यूसेक पानी

पिछले 12 घंटों के अंदर हथिनीकुंड बैराज से करीब 21 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया. रविवार शाम 6 बजे करीब 8 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था.

यमुना नदी की फाइल फोटो
कुमार कुणाल
  • नई दिल्ली,
  • 19 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 9:41 AM IST

भारी बारिश के कारण यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. यमुना का जलस्तर सोमवार सुबह 6 बजे 204.40 मीटर रिकॉर्ड किया गया है. खतरे का स्तर 205.33 मीटर है. पिछले 12 घंटों के अंदर हथिनीकुंड बैराज से करीब 21 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया. रविवार शाम 6 बजे करीब 8 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था. इसके बाद रात 9 बजे करीब 7 लाख क्यूसेक और तड़के 1 बजे 4.75 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था. सोमवार सुबह 2.76 लाख क्यूसेक पानी छोड़ गया.

यमुना नदी का जलस्तर अभी 204.40 मीटर है. यह आंकड़ा सोमवार सुबर 6 बजे का है. यमुना नदी का खतरनाक जलस्तर 205.33 मीटर निर्धारित है.

दिल्ली में यमुना नदी का जल रविवार 12 बजे तक 'चेतावनी चिह्न' से 1.13 मीटर नीचे बह रहा था. रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से हर घंटे पानी छोड़ा जा रहा है. रविवार को दोपहर के समय लगभग छह लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया. शनिवार को भी भारी बारिश के बाद बैराज से पानी छोड़ा गया.

हथिनी कुंड बैराज से छोड़े जाने वाला पानी, जो दिल्ली में पीने का पानी उपलब्ध कराता है को आम तौर पर दिल्ली पहुंचने में 72 घंटों का समय लगता है. खतरनाक जल स्तर को लेकर एक एडवाइजरी जारी की गई है और संबंधित एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है. स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है. सैकड़ों लोग यमुना के किनारे रहते हैं और जल स्तर के 'चेतावनी के निशान' को छूने के बाद उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जाएगा.

बैराज में 70,000 क्यूसेक तक के जलस्तर को सामान्य माना जाता है, जबकि 2.5 लाख क्यूसेक से ज्यादा को अत्यधिक बाढ़ माना जाता है. रविवार सुबह जलस्तर बढ़ने के साथ अधिकारियों ने हथिनीकुंड बैराज के सभी गेट खोल दिए और नदी के जल को नीचे की तरफ जाने दिया. यमुना नदी नई दिल्ली में घुसने से पहले हरियाणा के यमुनानगर, करनाल और पानीपत जिलों से होकर गुजरती है. (आईएएनएस इनपुट के साथ)

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