दिल्ली में पिछले दिनों हुई हिंसा ने भारी तबाही मचाई. हिंसा में 40 से ज्यादा लोगों की मौत और सैकड़ों घर आग की भेंट चढ़ गए. साथ ही लोगों के मन में कभी भी फिर से हिंसा भड़कने की दहशत बनी हुई है. एक दिन पहले ही दिल्ली के कई इलाकों में फिर से हिंसा भड़कने की अफवाह से लोगों को और डरा दिया था.
नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में पिछले दिनों जमकर हिंसा हुई. नॉर्थ-ईस्ट के मुस्तफाबाद-शिव विहार क्षेत्र हिंसा के सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में रहे और आज यहां हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग मारे डर के घर छोड़ कर चले गए हैं.
500 घरों में नहीं रह रहे लोग
आजतक ने हिंसा प्रभावित क्षेत्र मुस्तफाबाद-शिव विहार का दौरा किया और पाया कि क्षेत्र में करीब 500 घर ऐसे हैं जो बिल्कुल खाली हो गए हैं और वहां कोई नहीं रह रहा है. क्षेत्र में वीरानगी छाई हुई है.
हिंसा के समय ही बड़ी संख्या में लोगों का घर छोड़कर जाने का सिलसिला शुरू हो गया था और कुछ ही समय में लोग घर छोड़ कर चले गए.
यहां से जाने के दौरान लोग अपना ज्यादातर सामान छोड़ गए थे. ऐसे में कुछ महिलाएं अपने घर से कुछ बचे-खुचे सामान लेने वापस आए थे. ऑफ कैमरा महिलाओं ने आजतक से कहा कि हम लोग पिछले रविवार तक हंसी-खुशी रह रहे थे और आज एक हफ्ते बाद सब कुछ बदल गया. हमें यह भी नहीं मालूम कि हम फिर से यहां कब वापस लौटेंगे.
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पटरी पर लौट रही जिंदगी
दूसरी ओर, हिंसा का खौफनाक दौर देखने के बाद राजधानी दिल्ली में अब जिंदगी आहिस्ता-आहिस्ता पटरी पर लौटती दिखने लगी है. हिंसाग्रस्त इलाकों में दुकानें खुलने लगी हैं, गाड़ियां निकलने लगी हैं और बाजार में चहल-पहल देखी जा रही है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक दिल्ली हिंसा में मरने वालों की संख्या 41 तक पहुंच गई है.
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दिल्ली पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स के जवान हिंसाग्रस्त इलाकों में लगातार गश्त कर रहे हैं. मौजपुर, करावल नगर, भजनपुरा, सीलमपुर और जाफराबाद जैसे इलाकों में पुलिस का भारी बंदोबस्त है. साथ ही पुलिस अफवाहों से बचने की अपील कर रही है.
तनुश्री पांडे