दिल्ली में ऑड-इवन को एनजीटी की शर्तों के साथ मंजूरी मिलने के बाद दिल्ली सरकार की चुनौतियां बढ़ गई हैं. इस बार एनजीटी ने दो पहिया वाहनों, महिलाओं और सरकारी कर्मचारियों को भी इसमें छूट नहीं देने का कहा है. एनजीटी के इस आदेश के बाद अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली सचिवालय में सभी विभागों की 3 बजे अहम बैठक बुलाई है.
वहीं पार्टी के भीतर से ही इसे लेकर विरोध शुरू हो गया है, जहां AAP विधायक अल्का लांबा ने इसे लेकर आपत्ति जताई है. लांबा ने ट्वीट किया, 'मैं दिल्ली सरकार से निवेदन करती हूं कि ने महिलाओं की सुरक्षा को नज़रअंदाज करते हुए उन्हें छूट नहीं दी है. मोदी पुलिस भी सक्षम नहीं, कृपया महिलाओं की सुरक्षा से समझौता किए बैगर इसे करना संभव हो तो ठीक, नहीं तो ऑड इवन को रद्द किया जाए.
वहीं आप नेता और केजरीवाल सरकार के मंत्री सौरक्ष भारद्वाज ने इस मुद्दे पर राजनीति करने को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट किया, 'एनजीटी ने ऑड इवन को मंजूरी दे दी है. बीजेपी बस आप सरकार के हर कदम का विरोध करना चाहती है.'
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेडा ने केजरीवाल सरकार पर प्रहार किया. खेडा ने कहा कि डीटीसी में फैली अव्यवस्था आप सरकार की नाकामी का स्पष्ट उदाहरण है. डीटीसी जर्जर स्थिति में हैं, आज महज 3000 बसें बची हैं. उन्होंने कहा कि वे कमल हासन से मिलने तमिलनाडु जा सकते हैं, लेकिन कहते हैं कि अमरिंदर सिंह उनका फोन नहीं उठा रहे.
बता दें कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने देते हुए अपने फैसले में कहा कि भविष्य में भी 48 घंटे के ऑब्जर्वेशन के दौरान पीएम-10 500 और पीएम-2.5 300 से ऊपर जाएगा तो यह स्कीम खुद-ब-खुद लागू होगी. इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि अनुमान के अनुसार 48 घंटे तक बारिश नहीं होती है तो किसी माध्यम से पानी का छिड़काव भी कराना होगा.
पंकज जैन