दिल्ली की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार आज सूबे के नए मुख्यमंत्री का ऐलान करने जा रही है. सीएम केजरीवाल के आवास पर विधायक दल की बैठक के बाद नए नाम का ऐलान किया जाएगा. इसके बाद आज ही शाम के समय केजरीवाल दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) वीके सक्सेना से मुलाकात करेंगे. बताया जा रहा है कि इस दौरान केजरीवाल इस्तीफा भी दे सकते हैं.
दिल्ली में जारी इस सियासी घटनाक्रम के बीच दिल्ली सरकार के मंत्री और AAP के सीनियर नेता सौरभ भारद्वाज ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि ये बात मायने नहीं रखती की सीएम की कुर्सी पर कौन बैठेगा. जनता ने तो केजरीवाल को चुना था. कुर्सी तो केजरीवाल की है और आगे भी रहेगी. सिर्फ चुनाव तक इस कुर्सी पर भरत की तरह राम की खड़ाऊं रखकर एक व्यक्ति बैठेगा.
AAP दफ्तर पहुंचकर किया था संबोधित
बता दें कि आबकारी नीति ‘घोटाला’ मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के दो दिन बाद 15 सितंबर को दिल्ली सीएम केजरीवाल आम आदमी पार्टी के मुख्यालय पहुंचे थे. पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने के बाद सीएम केजरीवाल कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था. यहां उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए दो दिन बाद इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया था. उन्होंने कहा था,'मैं तब तक सीएम की कुर्सी पर नहीं बैठूंगा, जब तक जनता अपना फैसला नहीं सुना देती कि केजरीवाल ईमानदार हैं. मैं हर घर और गली में जाऊंगा और जब तक जनता का फैसला नहीं मिल जाता, तब तक सीएम की कुर्सी पर नहीं बैठूंगा.'
बताया पहले क्यों नहीं दिया था इस्तीफा
केजरीवाल ने AAP दफ्तर ने बताया था कि उन्होंने जेल में रहने के दौरान इस्तीफा क्यों नहीं दिया. उन्होंने कहा,'मुझे जेल क्यों भेजा इन्होंने, ऐसा नहीं कि केजरीवाल ने भ्रष्टाचार किया. इनका मकसद था आम आदमी पार्टी को तोड़ना, केजरीवाल को तोड़ना. इनका फॉर्मूला है कि पार्टी तोड़ दो, विधायक तोड़ दो, ईडी छापेमारी कर दो. इनको लग रहा था कि केजरीवाल को जेल में डालकर पार्टी तोड़ देंगे.'सीएम ने कहा, 'मैंने इस्तीफा इसलिए नहीं दिया क्योंकि मैं देश के जनतंत्र को बचाना चाहता हैं. अगर मैं इस्तीफा दे देता.. ये एक-एक करके सबको जेल में डालते क्योंकि इन्होंने सिद्धारमैया, ममता दीदी, पिनाराई विजयन सबके खिलाफ केस कर रखा है.'
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