कांग्रेस नेता बोले- एमसीडी नहीं दे रही पार्षदों को फंड

गोयल ने आरोप लगाया कि फंड ना मिलने से वार्डों में विकास कार्य ठप पड़े हैं. एमसीडी में सत्तारूढ़ बीजेपी नेताओं की कथनी और करनी में अंतर है.

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कांग्रेस नेता मुकेश गोयल कांग्रेस नेता मुकेश गोयल

मोनिका गुप्ता / रवीश पाल सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 05 जुलाई 2018,
  • अपडेटेड 7:55 PM IST

नार्थ एमसीडी में कांग्रेस दल के नेता मुकेश गोयल ने आरोप लगाया है कि एमसीडी पार्षदों को उनके वार्ड में विकास कार्यों के लिए दिए जाने वाला फंड मुहैया नहीं कराया जा रहा है.

गोयल ने आरोप लगाया कि फंड ना मिलने से वार्डों में विकास कार्य ठप पड़े हैं. एमसीडी में सत्तारूढ़ बीजेपी नेताओं की कथनी और करनी में अंतर है. नेता जनता की वाहवाही लूटने के लिए बड़ी-बड़ी घोषणाएं तो कर देते हैं लेकिन उन्हें अमलीजामा पहनाने के लिए कोई प्रयास नहीं करते. यही कारण है कि आज एमसीडी आर्थिक तंगी से जूझ रही है.

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उन्होंने कहा कि फंड न होने के कारण एमसीडी अपने स्टाफ को समय पर सैलरी दे पाने में नाकाम है तो वहीं वार्डों में कोई विकास कार्य नहीं हो रहे हैं. गोयल ने कहा कि कहा कि वार्ड में मरम्मत और रखरखाव का काम कराना भी मुश्किल हो गया है. यहां तक कि स्टोरों में मरम्मत सामग्री और अन्य सामान उपलब्ध नहीं हैं, जिससे जनता के गुस्से का सामना पार्षदों को करना पड़ रहा है.

गोयल ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि एमसीडी चुनाव के समय बीजेपी नेताओं ने दिल्ली की जनता से वादा किया था कि सत्ता में आने पर दो महीने में एमसीडी की वित्तीय स्थिति सुधार देंगे. लेकिन सवा साल बीतने के बाद एमसीडी की वित्तीय स्थिति सुधरने की बजाय और खराब हो गई है.

उन्होंने कहा कि साल 2018-2019 के बजट में एमसीडी बीजेपी नेताओं ने हर पार्षद को अपने-अपने वार्ड में विकास कार्य कराने के लिए 50-50 लाख रुपये दिए जाने का प्रावधान किया है. लेकिन इस फंड का अभी तक कुछ पता नहीं है. गोयल के मुताबिक, वार्डो में विकास, मरम्मत और रख रखाव के काम न करा पाने से परेशान पार्षद कई बार अपनी परेशानी सदन की बैठक, स्थायी समिति समेत अन्य समितियों की बैठकों में बता चुके हैं लेकिन मेयर समेत बीजेपी नेताओं और कमिश्नर इसका कोई हल नह निकाल रहे हैं.

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ने कहा कि अब जब दिल्ली मे मानसून आ चुका है तो इससे दिल्ली के हालात और बिगड़ सकते है क्योंकि नालों की सफाई नहीं हुई है. फंड ना होने से पार्को की हालत खराब है वहां, लाइट नहीं जलती, चारदीवारी, ग्रिल टूटी हुई है, घास बढ़ी हुई है और ऐसी हालत में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया फैल सकता है.

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