दिल्ली पुलिस ने एक 32 साल के आदमी को गिरफ्तार किया है. उस पर आरोप है कि उसने हिमांशु भाऊ गैंग का मेंबर बनकर नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली के एक बिजनेसमैन से करीब 10 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी हड़पने की कोशिश की. एक एजेंसी के मुताबिक आरोपी विकास उर्फ विक्की, जो नरेला का रहने वाला है. उसे 4 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था.
पुलिस के मुताबिक 26 नवंबर, 2025 को अशोक विहार के रहने वाले रजत गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एक अनजान आदमी हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़ा होने का दावा करते हुए उन्हें इंटरनेशनल कॉल के ज़रिए धमकियां दे रहा है. कॉल करने वाले ने गुप्ता को रोहिणी के सेक्टर 23 में मौजूद करीब 10 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने के लिए धमकाने की कोशिश की.
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पुलिस ने बताया कि यह प्रॉपर्टी जून 2022 में गुप्ता की पत्नी मेघा गोयल और साली निधि के नाम पर परवीन कुमार नाम के एक आदमी से खरीदी गई थी. गुप्ता ने क्रिमिनल धमकी और एक्सटॉर्शन के अपने आरोपों को साबित करने के लिए डिजिटल ऑडियो रिकॉर्डिंग और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सबूत जमा किए. जिसके बाद पुलिस जांच शुरू की.
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि हरियाणा रहने वाले की शिकायत पर 2025 में रोहिणी के बेगमपुर पुलिस स्टेशन में उसी प्रॉपर्टी के बारे में एक संबंधित केस दर्ज किया गया था. इस खुलासे से पुलिस को अंदाज़ा हुआ कि शिकायत करने वाले पर दबाव बनाने के लिए धमकी भरे कॉल किए गए थे. आखिरकार पुलिस को विकास का शामिल होना पता चला और उसे नरेला में उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया गया.
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पूछताछ के दौरान विकास ने खुलासा किया कि वह विवादित प्रॉपर्टीज़ के काम में शामिल था. उसने पुलिस को बताया कि 2022 में उसके दो साथियों ने उसे रोहिणी प्लॉट से जुड़े एक ट्रांज़ैक्शन के बारे में बताया था. जिसे बाद में गुप्ता के परिवार वालों के नाम पर रजिस्टर कर दिया गया था. पुलिस ने कहा कि जब प्रॉपर्टी हासिल करने की कोशिशें नाकाम रहीं और शिकायत करने वाले ने इसे ट्रांसफर करने से मना कर दिया, तो आरोपी ने खुद को गैंग का सदस्य बताकर उसे डराने की साज़िश रची.
विकास पर यह भी शक है कि उसने एक साथी के साथ मिलकर काम किया, जिसने दूसरों को गैंग के सदस्य बनकर धमकी देने का इंतज़ाम किया था. इस ऑपरेशन में शामिल दूसरे लोगों की तलाश जारी है.
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