दिल्ली दंगाः वकील की नियुक्ति पर केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल में ठनी

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ देश की राजधानी दिल्ली में इस साल फरवरी में हिंसा भड़क उठी थी. दिल्ली हिंसा मामले को लेकर अभी जांच जारी है और गिरफ्तारियां भी हो रही है.

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इसी साल फरवरी में हुआ था दिल्ली दंगा इसी साल फरवरी में हुआ था दिल्ली दंगा

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 28 मई 2020,
  • अपडेटेड 5:24 PM IST

  • AAP सरकार के नियुक्त वकील को उपराज्यपाल ने नहीं दी मंजूरी
  • उपराज्यपाल ने अलग से वकील नियुक्त करने का फैसला किया

दिल्ली दंगों पर वकील की नियुक्ति को लेकर केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल में ठन गई है. दिल्ली सरकार की ओर से नियुक्त वकील को उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मंजूरी नहीं दी. इस मामले में उपराज्यपाल ने अलग से वकील नियुक्त करने का फैसला किया है.

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नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ देश की राजधानी दिल्ली में इस साल फरवरी के महीने में हिंसा भड़क उठी थी. दिल्ली हिंसा मामले को लेकर अभी जांच जारी है और गिरफ्तारियां भी हो रही हैं. हाल ही में दिल्ली हिंसा मामले में दो लड़कियों को गिरफ्तार किया गया था. पिंजरा तोड़ ग्रुप की दोनों छात्राएं नताशा और देवांगना अब क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में है.

पुलिस के मुताबिक, इन दोनों छात्राओं ने अन्य कई छात्राओं और महिलाओं के साथ मिलकर मुस्लिम बहुल इलाकों में महिलाओं को सरकारी कानून के खिलाफ भड़काने और सड़क पर लाने का काम किया था.

दिल्ली हिंसा मामले में दो लड़कियां गिरफ्तार, पिंजरा तोड़ संगठन की हैं सदस्य

जैसे जाफराबाद थाने के मामले में अदालत ने दोनों को जमानत दी, वैसे ही क्राइम ब्रांच की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने हत्या, हत्या की कोशिश, हिंसा, आपराधिक साजिश रचने के पहले से दर्ज केस में उनकी गिरफ्तारी कर दो दिन के रिमांड पर ले लिया. बुधवार से रिमांड को दो दिन और बढ़ाया गया है.

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बता दें कि जाफराबाद में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी. जिसमें 50 से अधिक लोगों की जान चली गई थी. पुलिस ने हिंसा के मामले में 24 फरवरी को जाफराबाद थाने में मामला दर्ज किया था.

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