दिल्ली में रेबीज घोषित होगा 'अधिसूचित रोग', हर केस की मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग होगी अनिवार्य

दिल्ली सरकार रेबीज से होने वाली मौतों को शून्य करने के लक्ष्य के तहत इसे महामारी रोग अधिनियम के अंतर्गत ‘अधिसूचित रोग’ घोषित करने जा रही है. अधिसूचना जारी होने के बाद सभी सरकारी-निजी अस्पतालों और डॉक्टरों के लिए रेबीज मामलों की रिपोर्टिंग अनिवार्य होगी.

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 दिल्ली सरकार रेबीज को अधिसूचित रोग घोषित करेगी. (सांकेतिक तस्वीर) दिल्ली सरकार रेबीज को अधिसूचित रोग घोषित करेगी. (सांकेतिक तस्वीर)

सुशांत मेहरा

  • नई दिल्ली,
  • 05 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:40 PM IST

दिल्ली सरकार राजधानी में रेबीज से होने वाली मौतों को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में निर्णायक कदम उठाने जा रही है. सरकार महामारी रोग अधिनियम (Epidemic Diseases Act) के तहत रेबीज को 'अधिसूचित रोग' (Notifiable Disease) घोषित करने की तैयारी कर रही है. इस संबंध में बहुत जल्द आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी.

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि यह फैसला रेबीज से मानवीय मौतों को शून्य करने के सरकार के लक्ष्य की ओर एक महत्वपूर्ण और आवश्यक कदम है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, 'रेबीज एक पूरी तरह रोकी जा सकने वाली बीमारी है और इससे होने वाली किसी भी मौत को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.'

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अधिसूचना जारी होने के बाद दिल्ली के सभी सरकारी एवं निजी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग होम तथा निजी प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों को इसके दायरे में लाया जाएगा. अब मनुष्यों में रेबीज के संदिग्ध, संभावित तथा पुष्ट मामलों की जानकारी तुरंत संबंधित जिला और राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों को देना अनिवार्य होगा. इससे रेबीज के मामलों की समय पर पहचान, सटीक निगरानी और तेज़ सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी.

निगरानी मजबूत होने से रोकथाम होगी प्रभावी

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि अनिवार्य रिपोर्टिंग से रेबीज के मामलों के ट्रेंड और हॉटस्पॉट की आसानी से पहचान हो सकेगी. मानव एवं पशु स्वास्थ्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा. उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में लक्षित रोकथाम अभियान चलाए जा सकेंगे. रेबीज के लक्षण उभरने के बाद यह बीमारी लगभग हमेशा घातक साबित होती है, लेकिन कुत्ते के काटने के तुरंत बाद वैक्सीन और इम्यूनोग्लोब्युलिन दिए जाने पर इसे पूरी तरह रोका जा सकता है.

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दिल्ली में वैक्सीन और सीरम की मौजूदा व्यवस्था

दिल्ली सरकार ने पहले से ही रेबीज रोकथाम के लिए मजबूत इंतजाम किए हैं. राजधानी के 11 जिलों में 59 स्वास्थ्य संस्थानों में एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध है. 33 चिन्हित सरकारी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य सुविधाओं में एंटी-रेबीज सीरम/रैबीज इम्यूनोग्लोब्युलिन की सुविधा है. अधिसूचित रोग का दर्जा मिलने के बाद इन सुविधाओं की पहुंच, निगरानी और प्रभावशीलता में और सुधार होगा. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में लिया गया यह फैसला दिल्ली की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. सरकार का लक्ष्य केवल इलाज नहीं, बल्कि रेबीज की समय पर पहचान, अनिवार्य रिपोर्टिंग और पूर्ण रोकथाम सुनिश्चित करना है.

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